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मॉकड्रिल : हमले की स्थिति में कितनी देर में पहुंच सकती है पूरी फोर्स

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संवाद न्यूज एजेंसी
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लुधियाना। स्वतंत्रता दिवस को लेकर समारोह के दौरान खुफिया एजेंसियों के अलर्ट के बाद कमिश्नरेट पुलिस पूरी तरह से अलर्ट पर हैं। कमिश्नरेट पुलिस अलग-अलग तरीके से अपनी तैयारियों में जुटी है। सोमवार को उस समय शहर में भगदड़ का माहौल बन गया जब कमिश्नरेट पुलिस ने अपनी तरफ से बिना किसी को बताए मॉकड्रिल की, लेकिन शहर में अफवाह फैल गई कि कोई बड़ा हमला होने वाला है और बम मिले हैं। बाद में पता चला कि कमिश्नरेट पुलिस की तरफ से दो थानों में सोमवार को मॉकड्रिल की गई थी। इसमें पुलिस की तरफ से रिस्पांस टाइम चेक किया गया था। इस दौरान पुलिस कमिश्नर डॉ. कौस्तुभ शर्मा भी मौजूद रहे। एक मॉकड्रिल ज्वाइंट सीपी सिटी और दूसरी मॉकड्रिल ज्वाइंट सीपी रुरल के इलाके में की गई। इस दौरान दोनों इलाकों के सीनियर अधिकारी और सभी थानों के प्रभारी वहां मौजूद थे। इस दौरान पुलिस अधिकारियों की तरफ से मुलाजिमों को दिशा निर्देश भी दिए गए।
शहर के थाना डिवीजन छह में पहले मॉकड्रिल की गई। इस दौरान पुलिस कमिश्नर डॉ. कौस्तुभ शर्मा, ज्वाइंट सीपी रवचरण सिंह बराड़, एडीसीपी 2 सोहेल मीर कासिम और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। थाने को बाहर से बंद कर दिया गया और अंदर मॉकड्रिल चलती रही। इस दौरान बाहर से किसी को आने जाने नहीं दिया गया और थाने के आसपास इलाका पुलिस छावनी में तबदील कर दिया गया। इस कारण पूरे इलाके के लोग दहशत में आ गए कि कहीं कुछ बड़ी बात है। मॉकड्रिल के बाद पुलिस कमिश्नर हैबोवाल थाने पहुंचे, वहां भी उसी तरह मॉकड्रिक की गई। शहरी इलाका होने के कारण वहां दहशत फैल गई और लोग घरों से बाहर आ गए। तरह-तरह की अफवाहें फैलने लगी कि थाने में बम मिला है तो कोई कह रहा था कि साथ स्कूल में गैंगस्टर घुस गए और पुलिस ने उनकी घेराबंदी की है। बाद में पता चला कि यह पुलिस की मॉकड्रिल थी।
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पुलिस कमिश्नर ने दोनों इलाकों में किया रिस्पांस टाइम चेक
पुलिस कमिश्नर डॉ. कौैस्तुभ शर्मा ने बताया कि मॉकड्रिल का मकसद कुछ ओर नहीं बल्कि अगर थाने में कोई घटना या फिर हमला हो जाए तो पूरे जिले की फोर्स कितने समय में पहुंचेगी यह चेक किया गया था। उन्होंने कहा कि इसके लिए पुलिस की तैयारी थी और इसमें कोई ट्रैफिक रोकने या फिर ऐसा कुछ नहीं करना था जिससे लोगों में दहशत फैले। बल्कि ऐसे ही मॉकड्रिक करनी थी जैसे रुटीन में ट्रैफिक चल रहा है और पुलिस को उसी स्थिति में पहुंचना हो।
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कौन कौन सी टीमें थी शामिल
कमिश्नरेट पुलिस की तरफ से कई गई मॉकड्रिल में सभी थानों की पुलिस के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्स, स्पेशल टीम, स्पेशल ब्रांच की टीम, सीआईए स्टाफ की टीमों के साथ-साथ सभी टीमें हाजिर थी। इस दौरान सभी मुलाजिमों को यह संदेश दिया गया कि अगर कोई अनहोनी हो जाती है तो उन्हें घटनास्थल पर पहुंच क्या करना है और कैसे करना है। अधिकारियों तक संदेश कैसे पहुंचाना है और जब तक अधिकारी नहीं पहुंच पाते तब तक के समय में उस स्थिति से कैसे निपटना है।
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