संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। हलका पश्चिम से विधायक गुरप्रीत गोगी ने अपना पूरा जीवन जन सेवा में लगा दिया। वे जनता की सेवा के लिए हर पल तत्पर रहते थे और पूरी निडरता के साथ बुलंद आवाज में राजनीति करते थे। गोगी के अचानक निधन से लुधिनवियों ने उनकी समस्याओं का समाधान करने वाला नेता खो दिया है। गोगी की बचपन से ही राजनीति में रुचि थी। शुरू से ही वे कांग्रेस में थे और वर्ष 2002 में वह कांग्रेस के पहली बार पार्षद बने। उसके बाद गोगी ने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा।
गोगी तीन बार नगर निगम में पार्षद रहे और एक बार उनकी पत्नी डा. सुखचैन बस्सी गोगी पार्षद रही। इसके अलावा गोगी कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेहद करीबी थे। कैप्टन ने उनको वर्ष 2014 से लेकर 2019 तक जिला कांग्रेस की कमान सौंपी। जिला प्रधान रहते हुए भी गोगी ने लोगों की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी। इसके अलावा वे पंजाब स्माल इंडस्ट्रीज ऐंड एक्सपोर्ट कारपोरेशन के चेयरमैन भी रहे। चेयरमैन पद पर रहते हुए उन्होंने शहर के फोकल प्वाइंट्स की दशा सुधारने के लिए निरंतर काम किया। इसके बाद गोगी का कांग्रेस से मोह भंग हो गया और वे 2022 में कांग्रेस छोड़ आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए।
आप ने उनको हलका पश्चिम से कांग्रेस के पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु के खिलाफ टिकट दिया। इन चुनावों में गोगी ने आशु को हराया और आम आदमी पार्टी के विधायक बन गए। विधायक रहते हुए भी गोगी ने जनता के हितों को सर्वाेपरि रखा और इसके लिए अपनी सरकार के खिलाफ भी खड़े हो गए। बुड्ढा दरिया की दयनीय हालत देख कर गोगी ने दरिया पर लगा सीएम भगवंत मान का नींव पत्थर तोड़ दिया। इसके बाद वे किश्ती में बैठ कर दरिया में उतर गए। दरिया को लेकर वे लगातार चिंतित रहे। गोगी ने दरिया के कायाकल्प के लिए चल रहे 650 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट में भी घपले के आरोप लगा कर इसकी सीबीआई विजिलेंस से जांच की मांग की थी। गोगी ने इस मुद्दे पर अफसरों को भी कई बार घेरा। इसके अलावा गोगी कई विवादों में भी घिरे, लेकिन उन्होंने पूरी निडरता के साथ काम किया।