एफसीआई गोदामों में जगह की कमी से 10 फीसदी धान की मिलिंग अटकी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी गोबिंदगढ़/अमलोह। राइस सेलर एसोसिएशन अमलोह की बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई। प्रधान राकेश कुमार ने बताया कि धान का नया सीजन 1 अक्तूबर 2026 से शुरू होगा। पिछले सीजन 2025-26 का करीब 10 फीसदी धान अभी भी मिलिंग के लिए लंबित है।
यह धान एफसीआई के गोदामों में चावल रखने की जगह उपलब्ध न होने के कारण रुका है। अमलोह के 12 राइस मिलर्स की मिलिंग 85 फीसदी से कम हुई है। इनमें से दो मिलों की मिलिंग तो जगह की कमी से करीब 60 फीसदी ही हो पाई है। राकेश कुमार ने एफसीआई के उच्च अधिकारियों से चावल की डिलीवरी और भुगतान के लिए तुरंत पर्याप्त जगह का प्रबंध करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने 85 फीसदी मिलिंग पूरी करने वाले मिलर्स को ही नए सीजन का धान अलॉट करने का एलान किया है। जिन मिलर्स की मिलिंग गोदामों में जगह की कमी से पिछड़ी है उन्हें जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि करीब 1006 ऐसे मिलर्स को भी 2026-27 सीजन के लिए धान अलॉटमेंट में शामिल किया जाए।
अवैध गतिविधियों पर चेतावनी
राकेश कुमार ने पंजाब की खरीद एजेंसियों से एफसीआई की निर्धारित स्पेसिफिकेशन के अनुसार 17 फीसदी तक नमी वाला धान ही खरीदने की अपील की। उन्होंने मिलर्स को बाहरी राज्यों से सस्ता धान लाकर पंजाब में सरकारी खरीद में शामिल करने जैसी गैरकानूनी गतिविधियों से बचने की चेतावनी दी। उन्होंने हरियाणा का उदाहरण दिया, जहां 2025-26 सीजन में सरकारी लक्ष्य से 25 हजार कंसाइनमेंट अधिक पहुंचे थे। इसके बाद 30 जून 2026 के बाद चावल स्वीकार करने से इन्कार कर दिया गया था। बैठक में विनोद मित्तल, दर्शन सिंह बब्बी सहित कई राइस मिलर्स मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 01: अमलोह में राइस सेलर एसोसिएशन की बैठक के दौरान नए धान सीजन और लंबित मिलिंग को लेकर चर्चा करते प्रधान राकेश कुमार व अन्य राइस मिलर्स।