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विदेशी मेहमानों की आमद से चहचहाई पंजाब की फिजा

Sun, 10 Jan 2016 10:03 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना
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साइबेरिया, रूस समेत ठंडे देशों से हजारों मील का सफर कर विदेशी पक्षी पंजाब की सरजमीं पर पहुंच रहे हैं। ग्लोबल वार्मिंग के तहत सर्दी कम पड़ने के कारण चालू सीजन के दौरान विदेशी मेहमानों की आमद देरी से हुई है। माहिरों का दावा है कि इस सीजन में भी पक्षियों की 350 से अधिक प्रजातियां वेटलैंड में पहुंची हैं। इन पक्षियों की आमद, खाने पीने के साधनों और उनके जीवन से जुड़े पहलुओं पर वर्ल्ड वाइड फंड (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) फॉर नेचर की टीम ने सर्वे भी किया है।
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पंजाब में हरिके पत्तन में 86 वर्ग किलोमीटर में वेटलैंड फैला है। यहां पर हर साल हजारों की संख्या में विदेशी पक्षी पहुंचते हैं। इनकी आमद सामान्य तौर पर बीस नवंबर से शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार सर्दी कम पड़ने के कारण ये पक्षी देरी से आए हैं। बीस मार्च के बाद इन पक्षियों की वापसी हो जाती है। विदेशी मेहमानों के बारे में जानने, समझने और उन पर अध्ययन करने के लिए बड़ी संख्या में पक्षी प्रेमी इस सीजन में सक्रिय रहते हैं।

डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के पंजाब चेप्टर के चेयरमैन गुनबीर सिंह का कहना है कि माहिरों की एक टीम ने हरिके पत्तन का दौरा करके विदेशी पक्षियों की आमद का जायजा लिया है। उनका तर्क है कि इस बार दिसंबर सामान्य से गर्म रहा है, तापमान सामान्य से तीन से सात डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा है। इसलिए पक्षी देर से आए हैं और अभी तक आ रहे हैं।
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गुनबीर ने कहा कि विदेशी पक्षियों में मलाड्रस, डार्टर्स, कूट्स, बार हेडेड गीस, परपल मूरहंस, पाइड, किंगफिशर, हिरण, स्टिल्ट्स, गुल और एगट्रस प्रमुख हैं।

कारमोरेंट्स और स्पूनबिल्स हरिके के आसमान पर उड़ते देखे जा सकते हैं। इसके अलावा विदेशी लोमड़ियां, जंगली बिल्लियां, हिरण, जंगली सुअर और हिरण इत्यादि के अलावा कई तरह की बतखें भी देखी जा रही हैं। गुनबीर ने कहा कि पर्यावरण शिक्षा और पक्षियों के बारे में बच्चों को हर तरह की जानकारी देने में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ पूरी तरह से सहयोग कर रही है।
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