पिछले काफी माह से मेहनताना न मिलने के रोष स्वरूप सोमवार को नरेगा वर्करों ने सरहिंद-पटियाला रोड पर जाम लगा दिया। जाम 40 मिनट तक जारी रहा। इस दौरान कांग्रेसी विधायक कुलजीत सिंह नागरा भी वर्करों के समर्थन में पहुंचे और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
वहीं धरने में पहुंचे बीडीओ जतिंदर सिंह ढिल्लो ने नरेगा कर्मियों को कहा कि उनके पैसे पिछले शुक्रवार को ही जारी हो चुके हैं और आने वाले दिनों में उनके बैंक खातों में पहुंचने वाले हैं। इस पर वर्कर अपने-अपने घरों को लौट गए। इस धरने के बाद सियासत गर्मा गई और नागरा के विरोध में विभिन्न पार्टियों के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की।
धरने में शामिल नरेगाकर्मी गुरमेल कौर, केसरो, बलजिंदर कौर, मनजीत कौर, सरबजीत कौर, राजिंदर सिंह और बुद्ध सिंह ने कहा कि पिछले आठ महीनों से सरपंच द्वारा उनसे काम लिया जा रहा है लेकिन सरकार ने मेहनताना नहीं दिया। उनके करीब 70 नरेगा वर्करों के लाखों रुपये सरकार के पास लंबित पड़े हैं। विधायक नागरा ने कहा कि करीब 3-4 करोड़ रुपये के आसपास नरेगा वर्करों का मेहनताना सरकार के पास लंबित पड़ा है।
डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल अपनी सद्भावना रैलियों में भीड़ जुटाने के लिए इन नरेगा कर्मियों का इस्तेमाल करते रहे हैं। गांव के सरपंचों की और से नरेगा वर्करों को अपना हक मांगने पर धमकाया जा रहा है। नागरा ने नरेगा कर्मियों के लिए डीसी दफ्तर पर धरना देने की बात भी कही।
वोट बैंक की राजनीति कर रहे नागरा : भट्टी
शिअद हलका इंचार्ज दीदार सिंह भट्टी ने फोन पर बताया कि नरेगा कर्मियों की बकाया राशि 1 करोड़ 50 लाख 51 हजार 592 रुपये 22 जनवरी को सरहिंद ब्लाक के लिए जारी की हुई है। बहुत जल्द वर्करों के खातों में यह रकम पहुंच जाएगी। भट्टी ने कहा कि कांग्रेसी विधायक कुलजीत सिंह नागरा वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं। बिना जानकारी के सड़कों पर जाम लगाना और नए विवाद पैदा करना नागरा की पुरानी आदत है।
रोड जाम करना कोई हल नहीं : राय
आम आदमी पार्टी के नेता एडवोकेट लखवीर सिंह राय ने कहा कि पहले विधायक नागरा को खुद जानकारी लेनी चाहिए थी कि नरेगा वर्करों की अदायगी होने वाली है या नहीं। धरनाकारियों को इस बारे में अवगत कराना विधायक का फर्ज बनता था। रोड जाम करने से पहले प्रशासन को एक ज्ञापन देना भी बनता था। नागरा अपना अस्तित्व बचाने के लिए लोगों का नुकसान कर रहे हैं, ऐसे में लोगों को विधायक की सियासत को समझना होगा।