लुधियाना की रहने वाली महिला गिद्दा भंगड़ा परफार्म करके अपना गुजारा करती थी, वहीं दोस्तों ने नशे की लत लगा दी। अब काम नहीं करती और नशे के लिए घर का सामान तक बेच देती है।
लुधियाना में एक महिला अपनी नशेड़ी बेटी के साथ हलका आत्मनगर के एमएलए दफ्तर पहुंच गई। उसने बेटी का नशा छुड़वाने और नशा बेचने वालों के साथ युवाओं व खासकर लड़कियों को नशे की दलदल में धकेलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई।
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एमएलए कुलवंत सिद्धू ने महिला को आश्वासन दिया कि वह लड़की को नशा छुड़ाओ केंद्र में भेजकर नशा छुड़वाएंगें और नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भंगड़ा टीम में करती थी काम
महिला ने बताया कि उसकी बेटी के दो छोटे बच्चे हैं। वह परिवार के पालन पोषण के लिए प्रोग्रामों में गिद्दा भंगड़ा टीम के साथ काम करती थी। वहां किसी ने लड़की को नशे पर लगाया और वह धीरे धीरे नशे की आदी हो गई। अब वह बिना नशे के नहीं रह सकती और अगर इसी तरह से नशा करती रही तो इसके बच्चों की भी जिंदगी खराब हो जाएगी। महिला ने कहा कि पहले उसे बेटी के नशा करने का पता नहीं चला और जब तक चला तो उसकी हालत ज्यादा बिगड़ चुकी थी।
दोस्तों ने धोखे से नशा दिया
वहीं लड़की ने बताया कि पिता की मौत के बाद मां के पास कमाई का कोई साधन नहीं था। वह गिद्दा अच्छा करती थी तो प्रोग्रामों में गिद्दा भंगड़ा टीम को लेकर जाने वाले लोगों से संपर्क किया। वो हर प्रोग्राम में परफार्म करने के पैसे देते थे, जिससे घर का गुजारा चल रहा था। इस दौरान कब नशे की लत लग गई, पता ही नहीं चला। उसका कहना था कि शुरुआत में साथियों व दोस्तों ने धोखे से नशा दिया और फिर उसे नशे की तलब लगनी शुरू हो गई।
नशे के लिए बेच रही घर का सामान
अब हालात ये हैं कि नशे के बिना शरीर काम नहीं करता और जब नशा खरीदने के लिए पैसे नहीं होते तो घर का सामान बेचना पड़ता है। उसने बताया कि वह नशे के लिए धीरे धीरे घर का काफी सामान बेच चुकी है। एमएलए कुलवंत सिद्धू ने लड़की को आश्वासन दिया कि वो उसका नशा छुड़वाने में मदद करेंगे, लेकिन इसके लिए उसे भी प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि उसे सिविल अस्पताल में नशा छुड़ाओ केंद्र में भेजा जाएगा और उसका नशा छुड़वाया जाएगा। उसकी खुराक की व्यवस्था वो खुद करवाएंगे।