फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाब में ग्रेनेड अटैक माॅड्यूल का पर्दाफाश: लुधियाना में 10 आरोपी काबू, घनी आबादी वाले इलाके थे टारगेट पर

Thu, 13 Nov 2025 09:18 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)

सार

प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी मलेशिया स्थित तीन गुर्गों के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे संचालकों के संपर्क में थे ताकि एक हथगोले को उठाने और उसकी डिलीवरी में समन्वय स्थापित किया जा सके।
विज्ञापन
आरोपियों से बरामद सामान - फोटो : X @DGPPunjabPolice
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ने आईएसआई की मलयेशिया में बैठे अपने हैंडलर्स की मदद से पंजाब के घनी आबादी वाले इलाकों को हैंड ग्रेनेड हमलों से दहलाने की साजिश रची। खास बात ये है कि इन हमलों की योजना सूबे की विभिन्न जेलों में बंद कैदी बना रहे थे। इसके लिए उन्हें विदेश में बैठे आका निर्देश दे रहे थे। डीजीपी गाैरव यादव ने वीरवार को कहा कि पिछले दिनों तीन युवकों को हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ के आधार पर हैंड ग्रेनेड माॅड्यूल का पर्दाफाश हुआ है और सात कैदियों को विभिन्न जेलों से प्रोडक्शन वारंट पर लिया गया है।

विज्ञापन


दिल्ली ब्लास्ट के बाद से राज्य में रेड अलर्ट जारी है लेकिन आईएसआई समर्थित इस मॉड्यूल का पता चलने के बाद पूरे राज्य में चौकसी और बढ़ा दी गई है। डीजीपी ने बताया कि जिन लोगों को प्रोडक्शन वारंट पर लिया गया है, वो अपने आकाओं के जरिये आईएसआई के संपर्क में थे। इन्होंने राज्य के आबादी वाले इलाकों में हैंड ग्रेनेड हमले करने थे। लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने बताया कि इंटेलिजेंस इनपुट के बाद कार्रवाई करते हुए डीसीपी इन्वेस्टिगेशन और डीसीपी सिटी की देखरेख में स्पेशल टीमें बनाकर मामले में संदिग्धों की तलाश की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद हुआ खुलासा

श्री मुक्तसर साहिब निवासी कुलदीप सिंह, शेखर सिंह और अजय सिंह उर्फ अजय को पिछले दिनों काबू किया था। उनसे पूछताछ के बाद ही इस मॉड्यूल और उससे जुड़े लोगों की जानकारी पुलिस को मिली। उसी आधार पर विभिन्न जेलों में बंद अमरीक सिंह, परमिंदर उर्फ चिरी, विजय, सुखजीत सिंह उर्फ सुख बराड़, सुखविंदर सिंह, करणवीर सिंह उर्फ विक्की और साजन कुमार उर्फ संजू को प्रोडक्शन वारंट पर लिया गया है।

मलयेशिया से मिल रहे थे निर्देश

पुलिस ने आरोपियों से चीन निर्मित 86पी हैंड ग्रेनेड, ब्लैक किट और ग्लव्स बरामद किए थे। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी हैंड ग्रेनेड के पिकअप और डिलीवरी को कोऑर्डिनेट करने के लिए मलयेशिया में मौजूद तीन ऑपरेटिव्स के जरिये पाक-बेस्ड हैंडलर्स के संपर्क में थे। हैंडलर्स ने इन्हें राज्य में अशांति फैलाने के लिए आबादी वाले इलाके में ग्रेनेड हमला करने का काम सौंपा था।

ड्रग तस्करों को जोड़ रहे मॉड्यूल से

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि विदेश में बैठे हैंडलर्स पंजाब में सक्रिय ड्रग तस्करों के जरिये अपने मंसूबों को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। मलयेशिया में बैठे आतंकी आका अजय उर्फ अजय, जस बहबल और पवनदीप की मदद से इस मॉड्यूल को पंजाब में सक्रिय करना चाहते थे। इसके लिए ये स्थानीय गुर्गे अमरीक सिंह और परमिंदर उर्फ चिरी के संपर्क में थे। ये दोनों पहले उनके लिए ड्रग स्मगलिंग के काम में शामिल थे। अजय का भाई विजय, जो कॉमर्शियल क्वांटिटी एनडीपीएस एक्ट केस में श्री गंगानगर जेल में बंद था, को भी इस केस में प्रोडक्शन वारंट पर लिया गया है।

रेड कॉर्नर नोटिस जारी

लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने बताया कि मलयेशिया में बैठे तीनों आरोपियों के खिलाफ अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट लगाया गया है और रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए गए हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां व रिकवरी हो सकती है। इस संबंध में पुलिस स्टेशन जोधेवाल में एक्सप्लोसिव्स एक्ट के सेक्शन-3, 4, 5 और भारतीय न्याय संहिता के सेक्शन-113 के तहत मामला दर्ज है।

ग्रेनेड अटैक मॉड्यूल का भंडाफोड़ होने के बाद इस मामले में विभिन्न कड़ियों का पता लगाने के लिए विशेष टीमें काम कर रही हैं। ये लोग पंजाब को दहलाने की बड़ी साजिश रच रहे थे। तीन लोगों को गिरफ्तार किया है जबकि सात कैदियों को जेलों से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जा रही है। पता किया जा रहा है कि इन्होंने किन शहरों के किन इलाकों को आतंक फैलाने के लिए टारगेट किया था।- गौरव यादव, डीजीपी, पंजाब

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें