श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी से नाराज सिख मंगलवार को फिर से सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने काली झंडियां पकड़ कर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जताया। पंथक संगठनों की अपील पर दोपहर बारह बजे से लेकर तीन बजे तक आर्थिक राजधानी के तमाम बड़े चौराहों और सड़कों के किनारों पर बड़ी संख्या में लोग काली झंडियों एवं बैनरों के साथ खड़े रहे। इस दौरान न तो ट्रैफिक रोका गया और न ही नारेबाजी की गई। शहर में दोपहर बारह बजे से लेकर तीन बजे तक गिल रोड, सिंधवा नगर, ढोलेवाल चौक, जालंधर बाईपास चौक, जगरांव पुल, फिरोजपुर रोड, भाईवाला चौक और पक्खोवाल रोड समेत कई जगहों पर विरोध जताया गया।
पंथ की महान प्रचारक संस्था जवद्दी टकसाल की ओर से भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के विरोध में डुगरी पुल पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में जवद्दी टकसाल के विद्यार्थी और संगत ने हाथ में काली पट्टियां थाम रखी थीं। इस अवसर पर टकसाल के प्रमुख संत अमीर सिंह ने कहा कि पिछले दिनों लापता हुए श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूपों को शीघ्र ही तलाशना चाहिए। जिन लोगों ने यह घिनौना काम किया है, उनकी पहचान कर सख्त सजा दी जाए। सिख धर्म के लिए श्री गुरु ग्रंथ साहिब ही सब कुछ हैं। सिख अपने गुरु का निरादर कभी बर्दाश्त नहीं कर सकता। इस धार्मिक मामले का शीघ्र हल करना ही बेहतर होगा। संत अमीर सिंह ने कहा कि इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में मंगलवार को सिखों के साथ हिंदू समुदाय के लोग भी शामिल हुए। रोष मार्च में भाई मनजीत सिंह, भाई परमजीत सिंह, गुरदेव सिंह, गुरविंदर सिंह और नवनीत सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।