हैबोवाल स्थित माया नगर में बुधवार सुबह सिद्धी विनायक मंदिर का निर्माणाधीन गुंबद गिर गया। इसके मलबे के नीचे दबकर एक मजदूर की मौत हो गई।
दो मजदूर घायल हो गए। घायलों को डीएमसी अस्पताल में दाखिल कराया गया। उपचार के बाद दोनों को छुट्टी दे दी गई। गुबंद का मलबा मंदिर की छत और गली में गिरने से वहां लगी तारें और अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गया।
सूचना मिलते ही मंदिर कमेटी के सदस्य, एसीपी नार्थ कुलवंत सिंह रंधावा, थाना डिवीजन चार के एसएचओ रामपाल व चौकी जगतपुरी की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मंदिर कमेटी के रवि नंदन ने बताया कि उन्होंने मंदिर के निर्माण का ठेका ओडिशा के रब्बी दास को दिया हुआ है। आठ माह से बन रहे इस गुंबद को अंतिम रूप देने के लिए कारीगर डिजाइनिंग कर रहे थे।
उसके चारों तरफ लकड़ी और बांस के रैक रखे हुए थे। बुधवार को रब्बी दास का भांजा ड्राइवर मंदिर की छत पर काम कर रहा था। भारत और गणेश गुंबद के पास काम कर रहे थे।
अचानक छोटे पिल्लर पर खड़ा गुंबद का कुछ हिस्सा गिर गया। इससे सारे बांस हिल गए और गुंबद पूरा पिल्लर से नीचे उतर गया। गुंबद के पास काम कर रहे भारत और गणेश घायल हो गए जबकि गुंबद का मलबा नीचे खड़े ड्राइवर पर जा गिरा।
इससे वह बुरी तरह घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे तुरंत डीएमसी अस्पताल पहुंचाया जहां कुछ समय के बाद उसकी मौत हो गई। अन्य दोनों घायलों को छुट्टी दे दी गई है।
थाना डिवीजन चार के एसएचओ रामपाल ने कहा कि पिल्लर पर बना गुंबद नीचे गिरकर लटक गया था। गुंबद के पास से मलबा भी नहीं हटाया जा सकता था।
पहले तो पूरे इलाके की बिजली सप्लाई बंद कराई गई। जहां मलबा गिरना था उसके नीचे आने वाली तारों को बिजली विभाग की मदद से हटवाया गया।
मरने वाला ठेकेदार का ही भांजा है। उसका इंतजार किया जा रहा है। उसके ब्यान के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।