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लुधियाना सिविल अस्पताल में 12 दवाओं के उपयोग पर लगाई पाबंदी

Thu, 03 Dec 2015 10:27 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना
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सेहत मंत्री सुरजीत कुमार ज्याणी ने पिछले दिनों सिविल अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की इलाज के दौरान हुई मौतों के मामले में परिजनों को दो-दो लाख रुपये देने का एलान किया है। ज्याणी ने कहा कि इस मामले की जांच सेहत विभाग के निदेशक डॉ. एचएस बाली कर रहे हैं। बाली को छह दिसंबर तक विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। ज्याणी ने साफ किया कि यदि कोई डाक्टर या अस्पताल स्टाफ का सदस्य इसमें दोषी पाया गया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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ज्याणी वीरवार को अंतरराष्ट्रीय निशक्त दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समागम के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। मंत्री ने कहा कि इस मामले में सरकार पैनी निगाह रख रही है। सेहत मंत्री ने कहा कि विभाग ने अस्पताल में डिलीवरी के दौरान इस्तेमाल होने वाली 12 दवाओं के उपयोग पर एतिहातन पाबंदी लगा दी है। जांच के लिए इन दवाओं के सैंपल भी लिए गए हैं।
इससे पहले समागम में ज्याणी ने कहा कि सीएम प्रकाश सिंह बादल निशक्त लोगों के कल्याण के लिए वचनबद्ध हैं। सरकारी नौकरियों में निशक्तों का पुराना बैकलाग पूरा किया जा चुका है। अब तक 437 पदों को भरने का विज्ञापन दे दिया गया है। बाद में ज्याणी ने गुरु नानक देव भवन में नेशनल इंस्टीट्यूट फार मेंटली हैंडीकैप्ड की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भी शिरकत की। समारोह में ज्याणी और शिक्षा मंत्री दलजीत चीमा ने  144 विद्यार्थियों को लैपटॉप बांटे। इस अवसर पर अकाली भाजपा के कई नेता एवं प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
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गुस्साए मंत्री ने बीच में छोड़ा समारोह
अंतरराष्ट्रीय निशक्त दिवस के अवसर पर जमालपुर में आयोजित समारोह सेहत मंत्री सुरजीत कुमार ज्याणी ने बीच में ही छोड़ दिया। समागम में जब मंत्री भाषण दे रहे थे तभी निशक्त यूनियन के प्रधान गुरबाज सिंह ने खड़े होकर बीच में बोलना शुरू कर दिया। प्रधान ने आरोप लगाया कि सरकार निशक्तों के लिए कुछ नहीं कर रही है। इस पर मंत्री भी नाराज हो गए और वोट ऑफ थैंक्स से पहले ही उठ कर समारोह से चल दिए। बाहर आंगनबाड़ी वर्करों ने अपनी मांगों के लिए मंत्री को घेर लिया। वर्करों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वर्कर हरियाणा पेटर्न पर वेतन और भत्ते देने की मांग कर रही थीं। पुलिसे ने वर्करों को पीछे हटा दिया, तब ज्याणी वहां से रवाना हो पाए। ज्याणी का कहना है कि सीएम प्रकाश सिंह बादल ने साफ किया है कि हरियाणा पैटर्न पर भत्ते देना मुमकिन नहीं है। बावजूद इसके सरकार बैठ कर बातचीत करने के लिए तैयार है।
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