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घर घर कोविड सर्वे चाहिए तो पहले सरकार आंगनबाड़ी वर्कर को दे बीमा कवर

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लुधियाना। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में पंजाब सरकार गांवों में कोविड सर्वे करने के लिए कमर कस चुकी है, वहीं इस सर्वे टीम में शामिल आंगनबाड़ी वर्कर ने अपना मोर्चा खोल दिया है। आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन नेताओं का साफ कहना है कि सरकार पहले उन्हें बीमा करवा दे, उसके बाद ही उन पर इसका बोझ डाला जाए। अगर ऐसा नहीं होता तो वह सर्वे से पीछे हट सकते है।
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शुक्रवार को आंगनबाड़ी मुलाजिम यूनियन लुधियाना (सीटू) की तरफ से एसडीएम को एक ज्ञापन देकर अपनी मांगों को रखा है।
यूनियन ब्लाक प्रधान जसवीर कौर ने कहा कि आंगनबाड़ी मुलाजिमों को घर घर जाकर कोविड सर्वे में लगाया गया है। इसमें उन्हें पूछना है कि हर घर में 18 या 45 साल से अधिक आयु के कितने लोग हैं। कोई बीमार तो नहीं है। सरकार ने इस सर्वे में अध्यापकों, आशा वर्कर्स, पंचायत सेक्रेटरी को भी लगाया है। इन सभी को सर्वे के लिए 1500 रुपये दिए जा रहे हैं। साथ में 10-50 लाख रुपये का बीमा कवर किया जा रहा है। उसी काम के लिए आंगनबाड़ी वर्कर्स को कुछ भी नहीं दिया जा रहा। यहां तक उन्हें बीमार कवर तक मुहैया नहीं करवाया जा रहा है। ऐसे में वह इस काम को कैसे कर सकते है। इसलिए सरकार को चाहिए कि पहले उन्हें अन्य की तरफ सभी सुविधाएं मुहैया करवाए। इसलिए वह सर्वे का बायकाट करने जा रहे है।
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