पंजाब की औद्योगिक नगरी लुधियाना के वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल सिंह को ऑक्सफोर्ड में प्रतिष्ठित ‘ऑर्डर ऑफ नॉलेज’ सम्मान मिला है। भारत ब्रिटिश तकनीकी सहयोग प्रोग्राम में उन्हें सम्मानित किया गया। इकबाल सिंह लुधियाना के मूल निवासी और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से जुड़े वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। उन्हें 13 अगस्त को आयोजित समारोह में ये सम्मान मिला ।
25 साल से कानून के क्षेत्र में सक्रिय
इकबाल सिंह ने वर्ष 2000 के आसपास बार काउंसिल में नामांकन के बाद कानूनी क्षेत्र में काम शुरू किया और करीब 25 वर्षों का अनुभव हासिल किया है। लुधियाना के फिरोज गांधी मार्केट में उनका कार्यालय है। उनकी प्रैक्टिस में सिविल और आपराधिक मामलों के साथ-साथ पारिवारिक विवाद, संपत्ति विवाद, वैवाहिक मामले, हाईकोर्ट संबंधी मुकदमे, पीओसीएसओ, भ्रष्टाचार विरोधी मामले और पीएमएलए जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
अदालत से लेकर संस्थागत कानूनी जिम्मेदारियों तक
इकबाल सिंह ने सरकारी, अर्धसरकारी और निजी संस्थानों के लिए भी कानूनी सेवाएं दी हैं। बीएसएनएल, रेल मंत्रालय, पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वेरका मिल्क प्लांट, लुधियाना को-ऑपरेटिव बैंक, इंडियन बैंक और अन्य संस्थानों के लिए स्टैंडिंग काउंसल के रूप में कार्य कर रहे हैं।
2,000 से अधिक मामलों में सफलता का दावा
25 से अधिक वर्षों के अनुभव के साथ 2,000 से अधिक मामलों में सफलता और 220 से अधिक पुरस्कार मिल चुके हैं।
मानवाधिकार और न्याय पर जोर
इकबाल सिंह की पेशेवर पहचान केवल मुकदमेबाजी तक सीमित नहीं बताई जाती। ऑक्सफोर्ड के ‘ऑर्डर ऑफ नॉलेज’ को कानून और मानवाधिकार के क्षेत्र में उनके योगदान से जोड़ कर देखा जा रहा है। सम्मान पंजाब के कानूनी जगत के लिए खास है।