एयरफोर्स स्टेशन हलवारा में अंतरराष्ट्रीय सिविल टर्मिनल के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इस टर्मिनल के लिए 161 एकड़ जमीन अधिग्रहण का काम पूरा हो गया है। ग्लाडा की तरफ से जमीन का कब्जा ले लिया गया है। डीसी प्रदीप अग्रवाल ने इसकी पुष्टि की है। बता दें कि शुक्रवार देर शाम ग्लाडा के अधिकारी जमीन अधिग्रहण करने के लिए गए थे, वहां पर किसानों ने उनका विरोध किया था। ग्लाडा की तरफ से लगाई गई बुर्जियों को किसानों ने उखाड़ फेंका था।
डीसी प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि जमीन अधिग्रहण के बदले किसानों को मुआवजा दे दिया गया है। इसके अलावा उन्हें 5.50 लाख रुपये पुनर्वास भत्ता भी दिया जाएगा। ग्लाडा की तरफ से सारा काम पूरा करने के बाद सात फरवरी 2020 को अवॉर्ड की घोषणा की गई थी। 22 मई को ग्लाडा की तरफ से जमीन का कब्जा ले लिया गया है। एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया और पंजाब सरकार के संयुक्त प्रयास के चलते गांव एतिआणा की जमीन पर अंतरराष्ट्रीय सिविल टर्मिनल और कारगो को तैयार किया जाएगा। एयरपोर्ट के तैयार होने प्रदेश और इसके आसपास एरिया में आर्थिक विकास होगा। इस एरिया में कई बड़ी कंपनियां निवेश करने के लिए आगे आएंगी, वही रोजगार भी मुहैया होगा। इस टर्मिनल को ढाई साल के अंदर तैयार कर शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। पहले पड़ाव में 135.54 एकड़ में कोड-4सी प्रकार के जहाजों के लिए तैयार होगा, यह काम तीन साल में पूरा होगा। इस पूरे प्रोजेक्ट को जॉइंट वेंचर कंपनी के माध्यम से लागू किया जाएगा।
कब्जा चाहे ले लिया जमीन पर नहीं घुसने देंगे
जिला प्रशासन की तरफ से चाहे सिविल टर्मिनल के लिए जमीन अधिग्रहण का काम पूरा कर लिया है लेकिन गांव एतिआणा के किसानों का आक्रोश अभी थमा नहीं है। किसानों का साफ कहना है चाहे प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण का अपना काम पूरा कर लिया है, लेकिन वह किसी को जमीन पर पैर नहीं रखने देंगे। अभी तक प्रशासन ने जमीन दुरुस्तियों का काम पूरा नहीं किया है, वही मुआवजा राशि के भेजे नोटिस से पैसा कम दिया जा रहा है। इसके लिए वह अपना विरोध जारी रखेंगे।