गांव नौलखा के अकाली सरपंच गुरजंट सिंह की ओर से 13 मनरेगा कर्मियों से
निजी तौर पर अपने खेतों में काम करवाने का मामला सामने आया है।
मनरेगा
कर्मी बुधवार सुबह सरकारी रजिस्टर में अपनी हाजिरी लगवाकर आए थे जिन्हें
गांव के सरपंच ने यह कहकर अपने खेतों में प्याज की पौध बीजने लगा दिया कि
आपकी दिहाड़ी बैंक खाते में पहुंच जाएगी। कर्मचारियों ने बताया कि बुधवार
को गांव में छप्पड़ की सफाई के लिए सुबह 61 मनरेगा कर्मी ड्यूटी पर सरकारी
रजिस्टर में हाजिरी लगवाकर आए थे। इनमें से 13 मजदूरों को सरपंच ने अपने
खेतों में प्याज लगाने का काम दिया गया।
वह चार दिन से सरपंच के खेत
में काम कर रहे हैं। उनकी हाजिरी मनरेगा के रजिस्टर में दर्ज हो रही है।
इसकी अदायगी उनके बैंक खातों में डाली जाएगी। इन कर्मचारियों की हाजिरी
लगवाने वाली महिला सुखजीत कौर ने भी इसकी पुष्टि करते कहा कि बुधवार को
हाजिरी लगाने के बाद इन 61 कर्मियों में से 13 लोगों को सरपंच अपने खेतों
में प्याज लगाने के लिए ले गया था। वहीं अकाली सरपंच गुरजंट सिंह ने आरोपों
से इंकार करते हुए कहा कि गांव के छप्पड़ की सफाई के लिए मनरेगा कर्मी काम
कर रहे हैं।
एडीसी अवतार सिंह भुल्लर का कहना है कि इसकी जांच
करवाई जाएगी। जांच सही साबित होने पर सरपंच पर कार्रवाई होगी। सरहिंद ब्लॉक
पंचायत अफसर जतिंदर सिंह ढिल्लों का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी
नहीं है। वह मामले की जांच जरूर करवाएंगे। जिला परिषद के चेयरमैन बलजीत
सिंह भुट्टा का कहना है कि मनरेगा कर्मियों से इस्टीमेट के मुताबिक सिर्फ
पंचायती काम ही करवाया जा सकता है। कोई सरपंच अपना निजी काम नहीं ले सकता।