अक्सर देखा जाता है कि बच्चों को साइंस विषय का नाम सुनते ही पसीने आने लगते हैं और वे इससे किनारा करने का रास्ता तलाशते हैं, लेकिन यदि बच्चों को सहज अंदाज में नए नए उत्पाद बना कर प्रेक्टिकल तरीके से साइंस को समझाया जाए तो यह उनका पसंदीदा विषय भी बन सकता है।
इसका तजुर्बा सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल नूरपुर बेट की साइंस अध्यापिका पूजा नरूला ने पूरी सफलता के साथ किया है। पूजा बच्चों को आम तरीके से साइंस पढ़ाने के बजाय उनको अलग अंदाज में साइंस की बारीकियां समझा रही हैं, तभी तो पिछले कई सालों से पूजा के विद्यार्थियों का साइंस में परिणाम शत प्रतिशत आ रहा है।
वे साइंस पढ़ाने के साथ साथ बच्चों को पर्यावरण संभाल के लिए भी प्रेरित कर रही हैं, ताकि आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ वातावरण प्रदान किया जा सके। पूजा ने घर के फालतू सामान से होम मेड बायो डीग्रेडेबल प्लास्टिक बच्चों से बनवाया है, यह पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता। इस गतिविधि को ब्लाॅक प्रतियोगिता में पहला एवं जिले में दूसरा स्थान मिला है। इसके अलावा उन्होंने घास और केले के छिलके से पेपर तैयार कराया है। उनका मानना है कि कागज को बनाने में कई पेड़ों को काटना पड़ता है,ऐसे में यह इस तकनीक से बना कागज पर्यावरण फ्रेंडली है।
पूजा कहती हैं कि वे साइंस को रोजमर्रा के जीवन से जोड़ कर बच्चों को समझाती हैं तो इसमें उनको आनंद आता है। साइंस की विभिन्न गतिविधियां बनाने में बच्चे भी उनको पूरा सहयोग करते हैं। पूजा कई तरह की गेम्स बना कर भी बच्चों को इक्वेशन हल कराती हैं। उन्होंने एक फेसबुक चैनल भी बना रखा है, जहां पर बच्चों की ओर से की जा रही गतिविधियों को अपलोड करती हैं, इससे बच्चे उत्साहित होते हैं और वे पूरी लगन के साथ अपनी पढ़ाई करते हैं।
पूजा ने रिफ्लेक्शन ऑफ लाइट्स विषय को समझाने के लिए जूतों के डिब्बों का उपयोग किया है। विद्यार्थियों को प्रेक्टिकल ज्ञान देने के लिए डिब्बे में शीशा रख कर धूप जला कर धुआं कर दिया और फिर लेजर के जरिए रिफ्लेक्शन दिखाया। इसी तरह केमिस्ट्री के कठिन रिएक्शन्स के लिए कार्टून तैयार कर उनका कठपुतली शो कर के बच्चों को आसानी से समझाया जाता है। पूजा का मानना है कि बच्चों की सोच वैज्ञानिक बनानी है, तभी वे हर चीज में लाजिक तलाशें की यह काम हुआ तो हुआ कैसे।
पूजा साइंस विषय से संबंधित बच्चों के लिए ऑन लाइन गेम्स भी तैयार करती हैं। इनमें शब्द बाल, गुगल क्विज एवं पहिया गेम्स इत्यादि शामिल हैं। इन गेम्स का लिंक बच्चों को भेजा जाता है और वे इनको आसानी से हल करते हैं। वे बच्चों को ऑन लाइन भी साईंस के साथ जोड़े रखती हैं। पूजा साईंस के साथ साथ कई तरह की हैंडराइटिंग लिखने में भी माहिर हैं और वे बच्चों को यह भी सिखाती हैं।