फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ludhiana News: किशोरी जीते अमेठी से, ढोल बजे लुधियाना में

Wed, 05 Jun 2024 11:28 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
विज्ञापन
विज्ञापन
लुधियाना के किशोरी ने अमेठी को बनाया अपनी कर्मभूमि
विज्ञापन

गांधी परिवार के नजदीक रहकर की जनता की सेवा, आज सांसद
परिजन बोले, पिछले चालीस साल से अमेठी में जगा रहे कांग्रेस का अलख
संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। लुधियाना निवासी किशोरी लाल शर्मा पिछले चालीस साल से अमेठी एवं रायबरेली में कांग्रेस के लिए अलख जगा रहे हैं। लुधियाना को छोड़कर उत्तर प्रदेश में लगभग साढ़े नौ सौ किलोमीटर दूर अमेठी को किशोरी ने अपनी कर्मभूमि बना लिया और वे आज वहां से सांसद बन गए हैं। लोकसभा चुनावों में किशोरी लाल शर्मा ने भाजपा की दिग्गज नेता स्मृति ईरानी को करारी शिकस्त दी है।
साफ है कि किशोरी की जीत अमेठी में हुई और ढोल लुधियाना में बजा। लुधियाना में शिवपुरी इलाके में उनके निवास के बाहर कांग्रेसियों ने उनके परिजनों के साथ जम कर जश्न मनाया। किशोरी लाल का जन्म गढ़शंकर के गांव भवानीपुर में हुआ था। उनके पिता मालेरकोटला में बेकरी का कारोबार करते थे, आज भी वहां पर परिवार का बेकरी का काम है। उन्होंने स्कूली शिक्षा पहले मलेरकोटला में हासिल की। इसके बाद परिवार लुधियाना शिफ्ट हो गया। यहां पर किशोरी ने एसडीपी स्कूल में दाखिला ले लिया। यहां पर शिक्षा हासिल करने के बाद उन्होंने आर्य कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की।
विज्ञापन

किशोरी के परिवार में कोई भी सदस्य राजनीति में नहीं था, लेकिन किशोरावस्था से ही किशोरी का झुकाव राजनीति में हो गया और वे कांग्रेसियों के साथ सभाओं में जाने लगे। सतपाल पराशर और अन्य कांग्रेसियों के साथ उनका काफी उठना बैठना हो गया। इसके बाद वे यूथ कांग्रेस में शामिल हो गए, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ने पूरे देश से किशोरी लाल समेत दस लोगों को को-आर्डिनेटर बनाया। यह टीम सीधे ही राजीव गांधी से ही निर्देश लेकर काम करती थी और कांग्रेस आलाकमान को रिपोर्ट करती थी। किशोरी के मित्र अश्वनी शर्मा कहते हैं कि राजीव गांधी ने इनको वर्ष 1985 में लुधियाना नॉर्थ सीट से चुनाव लड़ने के लिए टिकट का ऑफर किया था, लेकिन इनकी उम्र साढ़े तीन माह कम थी। किशोरी ने यह टिकट सतपाल पराशर को दिलवा दी और वे विधायक बन गए।
किशोरी की नजदीकियां राजीव गांधी के साथ इतनी बढ़ गईं कि उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। राजीव गांधी के निधन के बाद गांधी परिवार में उनका आना-जाना और बढ़ गया। गांधी परिवार ने इनको अमेठी और रायबरेली की जिम्मेदारी सौंप दी। वे रायबरेली में सोनिया गांधी के सांसद प्रतिनिधि के तौर पर भी काफी देर तक जिम्मेदारी निभाते रहे। अभी भी जब उनको टिकट का ऑफर किया गया तो किशोरी ने राहुल गांधी से कहा कि आप एवं प्रियंका अमेठी एवं रायबरेली से नामांकन करें, प्रचार की कमान वे संभाल कर रखेंगे और आप सिर्फ सर्टिफिकेट लेने आ जाना, लेकिन राहुल गांधी ने उनको अमेठी से चुनाव लड़वा दिया।
विज्ञापन

किशोरी के ससुर सुदेश पाल एवं सास कमला रानी के अलावा उनकी भाभी प्रोमिला शर्मा किशोरी लाल की जीत पर बेहद प्रसन्न हैं। सास कमला रानी कहती हैं कि उन्होंने पिछले चालीस साल से अमेठी में ही अपना ठिकाना बना रखा है। यहां पर कभी कभार दो चार दिन के लिए आते हैं और चले जाते हैं। एक जून को वे लुधियाना आए थे, वोट डालने के तुरंत बाद ही चले गए। यहां पर उनका कारोबार भी उनकी पत्नी किरण बाला ही संभालती हैं। उनकी दो बेटियां हैं। एक का विवाह हो चुका है और वे दिल्ली में रहती हैं। उन्होंने अपना जीवन गांधी परिवार को समर्पित किया है और वे उसी में ही खुश रहते हैं। वर्ष 2022 में राहुल गांधी जब लुधियाना आए थे तो किशोरी के घर भी पहुंचे थे। राहुल की भारत बचाओ यात्रा में किशोरी लुधियाना में उनके साथ-साथ रहे।

- फोटो संख्या एक से लेकर चार तक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें