लुधियाना में स्किल्ड मैनपावर की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए युवाओं को प्रशिक्षित करने और हुनरमंद बनाने के विशाल अवसर हैं। पिछले कई दशकों से लुधियाना टेक्सटाइल, बाइसाइकिल, आटोमोटिव और इंजीनियरिंग गतिविधियों के लिए उत्तर भारत का महत्वपूर्ण मैन्यूफैक्चरिंग हब बन गया है।
अनुमान है कि 2022 तक स्किल्ड मेनफोर्स के लिए पंजाब के इस औद्योगिक जिले में ही करीबन तीन लाख जॉब अवसर होंगे। वोकेशनल ट्रेनिंग और स्किल ट्रेनिंग रोजगार और सुअवसरों के बीच के अंतर को पूरा करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी। ये नतीजे भारत की अग्रणी ऑटो कम्पोनेंट निर्माता रॉकमैन इंडस्ट्रीज और अर्नेस्ट एंड यंग (ईवाई) द्वारा किए गए सर्वे से प्राप्त हुए हैं।
लुधियाना का राज्य की कुल इकोनॉमी में सबसे ज्यादा योगदान है। यह उत्तर भारत के अग्रणी कमर्शियल हब के रूप में भी जाना जाता है। इस जिले में एमएसएमई और विशाल इंटरप्राइजेज सहित मजबूत औद्योगिक आधार है, जिसका पंजाब के समग्र मैन्यूफेक्चरिंग आउटपुट में 29.73 प्रतिशत योगदान है।
राकमैन इंडस्ट्रीज के सीएमडी सुमनकांत मुंजाल कहते हैं कि लुधियाना में किए गए सर्वे का मकसद रोजगार अवसरों और युवाओं में रोजगार तत्परता के अंतर को समझना था। आज स्किल्ड वर्कफोर्स समय की मांग बन गई है। इस मांग को पूरा करने के लिए अधिक से अधिक संख्या में स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोलने की आवश्यकता है।