लुधियाना। कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। सोमवार को भारतीय किसान यूनियन राजेवाल ने ट्रैक्टर मार्च निकालकर रोष जताया। मार्च जालंधर के नूरमहल से शुरू हुआ था। महानगर की सड़कों पर मार्च निकालते हुए किसान दोबारा नूरमहल रवाना हो गए।
भारतीय किसान यूनियन राजेवाल की ओर से सोमवार को नूरमहल से ट्रैक्टर मार्च निकाला जाना था जो 12 बजे महानगर पहुंचना था। तीन घंटे लुधियाना में घूमने के बाद इसे नूरमहल लौटना था। रास्ते में किसान समर्थक ट्रैक्टर परेड का हिस्सा बन रहे थे। ट्रैक्टर परेड में हिस्सा लेने पहुंचे बलवंत सिंह ने बताया कि किसानों के हक में यह ट्रैक्टर मार्च नूरमहल से चला है जो लुधियाना के लाडोवाल से होते हुए जालंधर बाईपास, बस्ती जोधेवाल चौक, समराला चौक, ओसवाल अस्पताल चौक, शेरपुर चौक से घूमकर ढोलेवाल और जगरांव पुल पर पहुंचा। जगरांव पुल से होते हुए ट्रैक्टर मार्च दोबारा जालंधर बाईपास और लाडोवाल होते हुए नूरमहल रवाना हो गया। इसमें नौजवानों के साथ बुजुर्ग किसान भी शामिल थे।
नूरमहल के किसान सतवंत सिंह और हरनाम सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार को जगाने के लिए ये ट्रैक्टर मार्च निकाला गया। केंद्र सरकार छह महीने से किसानों की बात नहीं सुन रही है। आंदोलन को खराब करने की कोशिशें की जा रही हैं लेकिन आंदोलन और तेज होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को बिल तो वापस लेने ही होंगे चाहे जो हो जाए। किसान आंदोलन खत्म करने के बजाय और तेज करेंगे।