रोड मार्च के बाद सफाई कर्मचारियों ने रेलवे पुल पर धरना लगाकर बरनाला-जालंधर हाईवे को जाम कर दिया। इस दौरान कुछ समाजसेवी और धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि जरूर धरने में शामिल हुए।
जगरांव में कूड़ा निस्तारण के लिए स्थायी जगह उपलब्ध न होने से नाराज सफाई कर्मचारियों ने सोमवार को नगर कौंसिल दफ्तर से रोड मार्च निकाला। सफाई यूनियन ने शहरवासियों और समाजसेवी संस्थाओं से समर्थन की खुली अपील की।
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रोड मार्च के बाद सफाई कर्मचारियों ने रेलवे पुल पर धरना लगाकर बरनाला-जालंधर हाईवे को जाम कर दिया। इस दौरान कुछ समाजसेवी और धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि जरूर धरने में शामिल हुए। धरने को संबोधित करते हुए समाजसेवी कुलवंत सहोता और सफाई कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कूड़ा फेंकने के लिए जगह उपलब्ध नहीं करवाई गई, तो कूड़े से भरी ट्रॉलियां सीधे जिम्मेदार अधिकारियों के दफ्तरों के बाहर उड़ेल दी जाएंगी।
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धरने की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम के आदेशों पर पहले ही दिन चार्ज संभालने वाले ईओ मोहित शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने धरनाकारियों को भरोसा दिलाया कि कूड़े से संबंधित टेंडर खुल चुका है और जल्द वर्क ऑर्डर जारी कर काम शुरू कर दिया जाएगा। सफाई कर्मचारियों ने सवाल किया कि अगर जगह नगर काउंसिल को ही देनी है, तो उन्हें अब तक क्यों नहीं दी गई? ईओ ने कहा कि साफ सफाई को जगह देंगे ताकि शहर में कोई डंप दिखाई न दे।
ईओ ने दावा किया कि आने वाले दिनों में शहर में कूड़ा दिखाई नहीं देगा, जबकि सफाई यूनियन प्रधान अरुण ने कहा कि धरना भले ही समाप्त किया जा रहा है, लेकिन हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक कूड़ा फेंकने के लिए पक्की जगह उपलब्ध नहीं करवाई जाती।