-चेयरमैन बोले, सुसाइड नोट में 14 अफसरों के नाम लेकिन पूछताछ एक से भी नहीं, गिरफ्तारी तो दूर की बात, रिपोर्ट तलब करेंगे
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के आईपीएस वाई पूरण कुमार आत्महत्या केस में चंडीगढ़ पुलिस की कार्रवाई से पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग असंतुष्ट है। आयोग जल्द चंडीगढ़ पुलिस को नोटिस जारी कर रिपोर्ट करेगा।
आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस ने अपना जो जवाब भेजा है, वह संतोषजनक नहीं है। आईपीएस के सुसाइड नोट में करीब 14 अफसरों के नाम हैं लेकिन अभी तक किसी भी अफसर से पूछताछ नहीं हुई, उनकी गिरफ्तारी तो दूर की बात है। ऐसी स्थिति तब है जब मृतक आईपीएस की पत्नी पंजाब की बेटी पी. अमनीत कुमार आईएएस हैं और उनके भाई पंजाब में विधायक हैं। इस मामले में भी जब चंडीगढ़ पुलिस कुछ नहीं कर रही है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम आदमी के केस में पुलिस की कार्रवाई कैसी होती होगी।
चेयरमैन गढ़ी ने कहा कि यह मामला दलित अफसर से जुड़ा है। इसलिए आयोग ने चंडीगढ़ पुलिस से रिपोर्ट तलब की थी। चूंकि मामला दर्ज हुए करीब 20 दिन से अधिक हो चुके हैं, लिहाजा आयोग की उम्मीद थी कि पुलिस ने इस केस में आरोपी अफसरों को बुलाकर पूछताछ तो जरूर कर ली होगी। उधर, हरियाणा सरकार ने भी केस में मुख्य आरोपी डीजीपी को सिर्फ लंबी छुट्टी पर भेज दिया है, सरकार की यह कार्रवाई भी संतोषजनक नहीं कही जा सकती। उनके अनुसार आईपीएस का दलित परिवार इस मामले में न्याय की आस लगाए बैठा है। आयोग चंडीगढ़ पुलिस को फिर से नोटिस कर इस मामले में ताजी रिपोर्ट तलब करेगा।