फेडरेशन ऑफ पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के बैनर तले उद्यमियों की शनिवार को बैठक हुई। इसमें केंद्र सरकार द्वारा चीन के साथ प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) पर मंथन किया गया। उद्यमियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि इस एफटीए को अमल में न लाया जाए वरना उद्यमी आमरण अनशन करेंगे।
उद्यमियों का तर्क है कि यह एग्रीमेंट देश की अर्थव्यवस्था और मेक इन इंडिया के खिलाफ है। पहले ही चीन देश में बड़ी मात्रा में माल डंप कर रहा है। एफटीए होने के बाद चाइनीज माल की बाढ़ आ जाएगी। भारत का मैन्यूफैक्चरिंग बेस हिल जाएगा और इकोनोमी पर विपरीत असर होगा।
फेडरेशन के प्रधान बदीश जिंदल ने कहा कि है कि ग्लोबल मंदी के बावजूद चीन से आयात में नौ फीसदी का इजाफा हुआ है, जबकि भारत से निर्यात 25 फीसदी गिर गया है। 2014-15 में चीन को निर्यात 73 हजार करोड़ रुपये का था, जो इस वित्त वर्ष में गिरकर 58 हजार करोड़ रुपये रहने की संभावना है। चीन से आयात इसी अवधि में 369000 करोड़ से उछल कर 410000 लाख करोड़ हो गया है।
इन आंकड़ों से साफ है कि देश का औद्योगिक क्षेत्र पहले ही चीन की मार से बेहाल है। अब एफटीए के बाद स्थिति और भी बदतर हो जाएगी। फेडरेशन से इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर तमाम तथ्यों और आंकड़ों से अवगत भी कराया गया है। पत्र में चेतावनी भी दी गई है कि यदि सरकार ने एफटीए लागू किया तो उद्यमी आमरण अनशन करेंगे। बैठक में राजकुमार सिंगला, विनय गुप्ता, आदित्य गुप्ता, अनिल छाबड़ा, कृष्ण थापर और महेश गुप्ता समेत कई उद्यमी मौजूद रहे।