पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के बैनर तले वीरवार से पांच दिवसीय इंडो पाक अंतरराष्ट्रीय एक्सपो में पहुंचे पाकिस्तानी कारोबारी लुधियाना से मिल रहे लोगों के रिस्पांस से उत्साहित हैं।
उनका कहना है कि लुधियाना में अपनापन सा लगता है। इसके अलावा महंगाई का असर पाकिस्तानी उत्पादों पर भी साफ देखा जा रहा है। पिछले साल के मुकाबले उत्पादों की कीमतों में तकरीबन दस फीसदी तक का उछाल आया है। बावजूद इसके पाकिस्तानी कारोबारियाें को पंजाब का मार्केट आकर्षक लगता है।
लाहौर से हैंडीक्राफ्ट और रॉट आयरन के उत्पाद लेकर पहुंचे रियाज हैंडीक्राफ्ट्स के संचालक अबू फजल और रियाज ने कहा कि वह पिछले कुछ साल से लुधियाना आ रहे हैं। लुधियाना में उनको कोई फर्क नजर नहीं आता। यहां के लोग पाकिस्तानी भाईयों को खुले दिल से मिलते हैं।
दूसरे यहां पर हैंडीक्राफ्ट का अच्छा बाजार है। रियाज भारत में हर साल तकरीबन सात से आठ एक्सपो में हिस्सा लेते हैं, लेकिन लुधियाना की बात ही कुछ अलग है। महंगाई पर रियाज ने कहा कि पिछले साल के मुकाबले कच्चे माल की कीमतों में इजाफा हुआ है। इसका असर उत्पादों पर भी देखा जा रहा है। नतीजतन 45 हजार की आइटम इस बार पचास हजार हो गई है। उन्होंने कहा कि यहां करेंसी का काफी फर्क है। पाकिस्तान में डालर की कीमत 110 रुपये और यहां पर करीब साठ रुपये है।
लाहौर के आइडियल कार्नर के संचालक कामरान अहमद का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले गारमेंट की कीमत भी दस फीसदी तक बढ़ गई है। कामरान ने कहा कि उनका मकसद भारत आकर माल बेच मुनाफा कमाना नहीं है, बल्कि यहां के लोगों से मेल-जोल और प्यार बढ़ाना है। लाहौर के महरबा डिजाइनर्स के संचालक बाबर का तर्क है कि उत्पादों की लागत तेजी से बढ़ रही है और कारोबारी के मार्जन पर दबाव आ रहा है। बावजूद इसके कारोबार बेहतर ढंग से करने का प्रयास किया जा रहा है।
इंडो-पाक एक्सपो में पाकिस्तान से करीब 45 कारोबारियों ने अपने-अपने उत्पादों को डिस्पले किया है। इसके अलावा भारत के भी 55 कारोबारी हिस्सा ले रहे हैं। वीरवार को सीएम के सलाहकार महेश इंद्र सिंह गरेवाल ने इस एक्सपो का उद्घाटन किया।