पवित्र रमजान शरीफ के तीसरे जुम्मे की नमाज अदा करने से पहले मुसलमानों को संबोधित करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि रमजान शरीफ बंदे का अपने रब से इजहार-ए- इश्क का महीना है। शाही इमाम ने कहा कि अल्लाह ताआला हमारी नीयत जानता है। उसे पता है कि कौन दिखावे का भूखा प्यासा है और कौन सच्चा रोजेदार है। अल्लाह के प्यारे नबी हजरत मोहम्मद सल्ललाहु अलैहीवसल्लम रमजान शरीफ के पवित्र महीने में तेज चलने वाली हवा से भी ज्यादा फइयाका (दानी) थे। रमजान शरीफ में हमें चाहिए कि धार्मिक कामों से भी पहले आर्थिक रूप से कमजोर अपने पड़ोसियों व रिश्तेदारों की मदद करें। पड़ोसी चाहे किसी भी धर्म से संबंध रखता हो, अगर वह भूखा है तो उसकी मदद करना फर्ज है। उन्होंने कहा कि अल्लाह ताआला अपने उन बंदों से बहुत प्यार करता है जो कि उसके बंदों की मदद करते है। इबादत से जन्नत मिलती है, लेकिन खिदमत से खुदा मिलता है। इसलिए अगर हम चाहते है कि खुदा के दोस्त बन जाए तो बिना भेद-भाव के कमजोर इंसानों की मदद करें।