फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कालाबाजारी : 500 रुपये का ऑक्सीजन फ्लोमीटर तीन हजार में

विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना महामारी की दूसरी लहर में कालाबाजारी करने वाले सरगर्म हो गए हैं। कोरोना से बचने के लिए इस्तेमाल होने वाली सभी वस्तुओं के दाम में कई गुना इजाफा गया है। सामान्य दिनों में नौ हजार रुपये में मिलने वाला आक्सीजन सिलिंडर इस समय 25 हजार से अधिक में बेचा जा रहा है। इस समय दुकानों पर भी सिलिंडर नहीं है, ऐसे में कुछ लोग पुराने या फिर इधर-उधर से लाकर ब्लैक में सिलिंडर दे रहे हैं। ऑक्सीजन सिलिंडर पर लगने वाले फ्लोमीटर के दाम भी 500 रुपये से बढ़कर तीन हजार रुपये हो गए है। वहीं ऑक्सीमीटर का रेट 300 रुपये से बढ़कर 1200 रुपये तक पहुंच गया है। इसमें हर कोई मर्जी से दाम वसूल रहा है। सैनिटाइजर की बात करें तो इसके दाम भी दोगुने हो चुके हैं। अब तक जिला प्रशासन ने इस कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है।
विज्ञापन

गौरतलब है कि कोरोना महामारी के दौरान हर डॉक्टर व्यक्ति को यही सलाह दे रहे हैं कि वह घर में रहें और इन चीजों को जरूर घर में रखें। सबसे पहले ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर, मास्क और सैनिटाइजर। बीते साल अक्टूबर माह शुरू होते ही सभी के दाम सामान्य हो गए थे, लेकिन मार्च और अप्रैल में जैसे ही कोरोना महामारी की दूसरी लहर शुरू हुई है, इनके दाम आसमान छूने लगे हैं। तीन सौ रुपये में मिलने वाला ऑक्सीमीटर 12 सौ रुपये का हो गया है, 25 सर्जिकल मास्क का पैकेट 100 रुपये से सीधे 200 रुपये का हो गया है। 210 रुपये में मिलने वाला 50 पीस ग्लब्ज का सेट पांच से छह सौ रुपये का हो गया है। इनकी कीमतें बढ़ने के पीछे दुकानदार एक ही तर्क देते है कि माल नहीं आ रहा है।
अगर किसी व्यक्ति को होम आइसोलेनश में आक्सीजन की जरूर पड़े तो पहले जो सिलिंडर नौ हजार रुपये में मिल रहा था, उसके दाम 25 हजार रुपये से पार हो चुके हैं। इस ऑक्सीजन सिलिंडर पर लगने वाला ऑक्सीजन फ्लोमीटर मार्केट से आउट आफ स्टाक हो चुका है। ऐसे में इसके लिए 500 की जगह तीन हजार रुपये तक वसूल किए जा रहे हैं। अगर रेमेडिसिवर इंजेक्शन सहित अन्य दवाओं की बात करे तो उनके दाम हर दिन ब्लैक मार्केट में अलग अलग रहते हैं।
विज्ञापन

कोट्स
हमें भी कुछ कालाबाजारी की शिकायतें मिली हैं। इस समय हम सभी रेमेडिसिवर इंजेक्शन सहित अन्य दवाओं और आक्सीजन सप्लाई में जुटे हुए हैं। ताकी लोगों की जान को पहल के आधार पर बचाया जा सके। एक या दो दिन में ही हमारी टीमें बाजार में चेकिंग करने लिए उतरेंगी, जिनके खिलाफ कोई सबूत मिलेगा, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
विज्ञापन

-कुलविंदर सिंह, ड्रग्स जोनल लाइसेंस अथॉरिटी लुधियाना।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें