सोशल साइट्स पर नाबालिग अपने दोस्तों के साथ चाइल्ड पोनोग्राफी की फोटो-वीडियो शेयर करते रहते हैं। लेकिन, अब ऐसा करना जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा सकता है। चाइल्ड पोनोग्राफी को रोकने के लिए भारत सरकार की तरफ से सख्त कदम उठाया गया है। इसके तहत अब सोशल साइट्स (इंस्टाग्राम, व्हाट्सअप और फेसबुक मैसेंजर) पर चाइल्ड पोनोग्राफी की फोटो-वीडियो अपलोड करने और एक-दूसरे को शेयर करना जुर्म होगा। ऐसा करने वालों पर नजर रख उन्हे मॉनिटरिंग किया जा रहा है। अगर कोई आरोपी पाया गया तो उस पर आईटी एक्ट की धाराओं तहत केस दर्ज होगा।
दरअसल, भारत सरकार की तरफ से नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लाइटेड चिल्ड्रन (एनजीओ) के अधीन चाइल्ड टीप लाइन और चाइल्ड विकटम एडंटीफिकेशन प्रोग्राम चलाया जा रहा है। इसके तहत उक्त एनजीओ सोशल साइट्स इंस्टाग्राम, व्हाट्सअप और फेसबुक मैसेंजर पर चाइल्ड पोनोग्राफी की फोटो-वीडियो भेजने और शेयर करने वालों पर नजर रखे है। ऐसे लोगों की मॉनिटरिंग कर एनजीओ की तरफ से देश के अलग-अलग राज्यों के पुलिस मुखी को लिख कर भेज रही है। इसके बाद संबंधित जिले के साइबर सेल ऐसे आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर सके।
लुधियाना पुलिस ने ऑफिशियल पेज पर पोस्ट डाल चेताया
सोशल साइट्स पर अपने दोस्तों को फोटो और वीडियो भेजने का एक मामला मोहाली के 12वीं कक्षा के छात्र का दर्ज किया गया है। इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल ने लुधियाना के माता-पिता और लोगों को जागरूक करने के लिए एक पोस्ट पुलिस के ऑफिशियल पेज पर अपलोड की है। इसमें साइबर सेल (2) के इंचार्ज जतिंदर सिंह ने एक जागरूकता वीडियो बनाकर पोस्ट की है कि चाइल्ड पोनोग्राफी की फोटो और वीडियो अपलोड और शेयर करना बहुत बड़ा जुर्म है। उनका कहना है कि ऐसी जागरूकता फैलाने से लोग अपने किसी रिश्तेदार या दोस्त को पुलिस की कार्रवाई से बचा सकते हैं। इस तरह की सामग्री शेयर करने वाले आरोपी पर कार्रवाई होगी। जिसमें आरोप साबित होने पर व्यक्ति को 7 साल की कैद या 10 लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है।
साइबर सेल टू के इंचार्ज सब इंस्पेक्टर जतिंदर सिंह ने बताया कि चाइल्ड पोनोग्राफी एक बहुत बड़ा जुर्म है। इसे देखने और आगे शेयर करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। ऐसी कई शिकायत उनके पास आईं हैं, जिनकी जांच की जा रही है। लोगों को जागरूक होना होगा, नहीं तो उन्हें पुलिस की कार्रवाई से गुजरना पड़ सकता है। अगर किसी को ऐसी कोई वीडियो या फोटो भेजता है, तो साइबर सेल में शिकायत दे सकते हैं। इस केस में आरोपी को 7 साल की सजा और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना भी हो सकता है।