लुधियाना। भाजपा प्रदेश उपप्रधान प्रवीण बंसल ने शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर यह दावा किया है कि गरीबों के नाम से आने वाले राशन में बड़े स्तर पर घपलेबाजी की गई है। इसमें एक विधायक और मंत्री शामिल हैं, जिन्होंने अपने चहेतों की फोटो लगाकर राशन कार्ड तैयार किए। इस काम को अंजाम देने के लिए एक विधायक ने पांच हजार बार कोड और एक मंत्री ने अनगिनत बार कोड तैयार कर इस तरह के राशन कार्ड को तैयार किया। वह इस मामले में विजिलेंस जांच करने की मांग करते हैं, वहीं इस मुद्दे को लेकर जल्द ही केंद्रीय मंत्री से मिलकर मामले से अवगत करवाने की बात की है।
भाजपा नेता प्रवीण बंसल ने बताया कि नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट और कोरोना महामारी के दौरान केंद्र सरकार ने पंजाब के 1.42 करोड़ लोगों को मुफ्त में राशन भेजा था। इस महामारी के दौरान कुछ कांग्रेसी नेताओं ने इस अनाज की जमकर लूट की है। किसी व्यक्ति का नीला कार्ड बनाने के लिए एक फार्म भरा जाता है। इस कार्ड पर परिवार के मुखिया सहित अन्य सदस्यों की संयुक्त फोटो लगाई जाती है।
उन्हें मिली सूत्रों से जानकारी के अनुसार एक विधायक ने पांच हजार बार कोड तैयार करवाए थे, जबकि एक मंत्री ने अनगिनत बार कोड तैयार करवाए। सरकारी मुलाजिमों को आदेश दिए जिन फार्म पर यह बार कोड लगा होगा, उनका कार्ड ही तैयार होगा। इस पूरे खेल को छुपाने के लिए अधिकारियों ने मुख्य पोर्टल पर कार्ड को अपडेट करने की जगह एक अन्य पोर्टल पर डाल दिया, बाद में नए पोर्टल को पुराने के साथ लिंक कर दिया।
एक उदाहरण देते प्रवीण बंसल ने बताया कि लुधियाना में एक कार्ड बना है जिसमें मुख्य सदस्य का नाम चिरंजीव है, जबकि अन्य खुशहर आलम, पियुष रंजन, रीतिका, सोममती और तस्लीमा खातुन शामिल हैं। इस कार्ड से साफ पता चल रहा है कि आधे सदस्य मुस्लिम और आधे हिंदु हैं। ऐसे कई उदाहरण हैं। उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों के आधार कार्ड इन फार्म में लगे हैं, उन्हें पता तक नहीं है कि उनके नाम का राशन नेता खा रहे हैं। इसलिए वह इस पूरे मामले की विजिलेंस जांच की मांग करते हैं। इस मामले को वह जल्द ही केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के सामने रखने जा रहे हैं।