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कूड़ा प्रबंधन में फिसड्डी लुधियाना निगम

Tue, 23 Feb 2016 09:44 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना
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देश के पहले बीस स्मार्ट सिटी की सूची में शुमार होने के बाद स्वच्छ भारत अभियान में भी पंजाब की आर्थिक राजधानी लुधियाना ने लंबी छलांग लगाई है। पिछले कुछ माह से शहर में सफाई को लेकर जागरूकता बढ़ी है, बावजूद इसके कूड़ा प्रबंधन में प्रशासन फिसड्डी साबित हो रहा है। निगम ने 51 माह पहले निजी कंपनी को कूड़ा उठाने और इसकी संभाल का जिम्मा दिया था। लेकिन अभी तक भी कूड़े का स्थायी हल नहीं हो सका है।
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शहर में रोजाना लगभग 1200 टन कूड़ा निकलता है। इस कूड़े को ट्रकों में उठाकर मुख्य डंप तक पहुंचाया जाता है, लेकिन शहर में सॉलिड वेस्ट का ट्रीटमेंट प्लांट नहीं चालू हो पाया है। ऐसे में लाखों टन कूड़ा मुख्य डंप में जमा है। 51 माह में निगम ने कंपनी को कूड़ा उठाने के लिए दो करोड़ से अधिक की पेमेंट की है। डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने भी निजी कंपनी के खराब कामकाज पर नाराजगी जताई थी। निगम ने भी कई बार कंपनी को नोटिस भेजा है। कंपनी का दावा है कि शहर के 75 वार्ड से रोजाना करीब 1200 टन कूड़े को उठाकर डंप पर पहुंचाती है।

कूड़ा प्रबंधन कर रही एटूजेड कंपनी के डीजीएम विशांत चौधरी का दावा है कि शहर से सौ फीसदी कूड़े की लिफ्टिंग की जा रही है। कंपनी ने सॉलिड वेस्ट प्लांट का निर्माण शुरू कर दिया है और यह जल्दी ही पूरा कर लिया जाएगा। प्लांट की सारी मशीनरी मंगवा ली गई है। कूड़ा प्रबंधन बेहतर बनाने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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वहीं स्वच्छ भारत अभियान में 34वें स्थान पर आने से उत्साहित निगम के मेयर हरचरण सिंह गोहलवड़िया का दावा है कि शहर को टॉप पांच शहरों में लाया जाएगा। कुछ ही दिनों में शहर में पहले चरण के तहत मैकेनिकल तरीके से स्वीपिंग मशीनों द्वारा शहर की प्रमुख दस सड़कों की सफाई शुरू की जाएगी। इसके लिए आवश्यक विशेष तौर पर इटालियन मशीनें मंगवाई गई हैं। कूड़ा प्रबंधन पर भी मेयर का तर्क है कि इसके लिए भी शीघ्र ही बेहतर इंतजाम किए जा रहे हैं।
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