ऐसे शुरू हुआ पूरा मामला
जुलाई 2024 में 1000 एडमिशन का दावा
दीपक कुमार सिंह ने जुलाई 2024 में यूनिवर्सिटी प्रशासन से संपर्क कर पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड से एक साल में करीब 1,000 छात्रों के एडमिशन कराने का दावा किया। यूनिवर्सिटी ने उसके प्रस्ताव पर भरोसा किया। आरोप है कि उसे यूनिवर्सिटी की ओर से हवाई टिकट भी उपलब्ध कराई गई और 27 सितंबर 2024 को उसने यूनिवर्सिटी पहुंचकर प्रेजेंटेशन दी।
95 हजार महीने की सैलरी मांगी
शुरुआत में दीपक ने कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने की बात कही, लेकिन बाद में बड़े टारगेट का हवाला देते हुए 95 हजार रुपये मासिक वेतन की मांग की। उसे असिस्टेंट डायरेक्टर, आउटरीच के पद पर नियुक्त किया गया। उसकी सिफारिश पर अखिलेश्वर दुबे को झारखंड का स्टेट हेड बनाकर 50 हजार रुपये मासिक वेतन दिया गया।
रानीगंज में ऑफिस के नाम पर रकम ली
आरोप है कि दीपक ने पश्चिम बंगाल के रानीगंज में यूनिवर्सिटी का कार्यालय खोलने के नाम पर 17 हजार रुपये मासिक किराया और 34 हजार रुपये सिक्योरिटी डिपॉजिट अपने खाते में ट्रांसफर करवाए।
लैपटॉप-मोबाइल और फर्नीचर के नाम पर खर्च
आरोपी ने कार्यालय की व्यवस्था और सजावट के नाम पर यूनिवर्सिटी से करीब 1.40 लाख रुपये लिए। इसके अलावा 27 हजार रुपये का लैपटॉप और 44,500 रुपये के दो मोबाइल फोन भी खरीदे गए। शिकायत के अनुसार नौकरी से हटाए जाने के बाद भी ये सामान वापस नहीं किए गए।