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यूके-यूरोप बाजार पर नजर: निर्यात बढ़ाने को मेगा टेक्सटाइल पार्क की मांग, विदेशी खरीदारों को सीधे लाने पर जोर

Fri, 31 Jul 2026 09:20 AM IST
Nivedita राजीव शर्मा, संवाद, लुधियाना

सार

लुधियाना देश का सबसे बड़ा मैनमेड फाइबर आधारित विंटर गारमेंट्स, स्वेटर, जैकेट और निटवियर उत्पादन केंद्र है। यहां की हजारों एमएसएमई इकाइयां अमेरिका, यूरोप, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और पश्चिम एशिया सहित कई देशों को निर्यात करती हैं।
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उद्योग - फोटो : फ्रीपिक
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विस्तार
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भारत के सबसे बड़े विंटर निटवियर और मैनमेड फाइबर गारमेंट्स उत्पादन केंद्र लुधियाना ने निर्यात बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार के सामने व्यापक रोडमैप रखा है। 
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उद्योग का कहना है कि भारत-यूके और यूरोपीय देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का पूरा लाभ तभी मिलेगा जब विदेशी खरीदारों को सीधे लुधियाना लाया जाए और कूमकलां में विश्वस्तरीय सुविधाओं वाला मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किया जाए।

केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय की सचिव नीलम शमी राव को दिए सुझावों में उद्योग ने हर वर्ष दो से तीन रिवर्स बायर-सेलर मीट आयोजित कराने की मांग की है। निटवियर क्लब के चेयरमैन विनोद थापर का कहना है कि यूरोप, ब्रिटेन और अन्य प्रमुख बाजारों के आयातकों व ब्रांड प्रतिनिधियों को लुधियाना बुलाने से वे उत्पादन इकाइयों का प्रत्यक्ष आकलन कर सकेंगे। इससे दीर्घकालिक कारोबारी समझौते बढ़ेंगे और मेड इन इंडिया को वैश्विक मजबूती मिलेगी।
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लुधियाना देश का सबसे बड़ा मैनमेड फाइबर आधारित विंटर गारमेंट्स, स्वेटर, जैकेट और निटवियर उत्पादन केंद्र है। यहां की हजारों एमएसएमई इकाइयां अमेरिका, यूरोप, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और पश्चिम एशिया सहित कई देशों को निर्यात करती हैं। उद्योग का मानना है कि एफटीए से मिले अवसरों का लाभ उठाने के लिए आधुनिक औद्योगिक ढांचा और वैश्विक विपणन दोनों जरूरी हैं।

क्लब के प्रधान दर्शन डाबर ने कूमकलां में मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि कॉमन प्रोसेसिंग सेंटर, परीक्षण प्रयोगशालाएं, डिजाइन एवं नवाचार केंद्र, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स जैसी साझा सुविधाओं से उत्पादन लागत घटेगी और एमएसएमई इकाइयों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

उद्योग ने हलवारा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी बड़ा अवसर बताया है। उसका कहना है कि इससे विदेशी खरीदारों और निवेशकों की आवाजाही आसान होगी। व्यापार विश्लेषकों के अनुसार चीन-प्लस-वन रणनीति और एफटीए से मिले अवसरों का लाभ तभी मिलेगा जब आधुनिक ढांचे, तेज लॉजिस्टिक्स और ब्रांडिंग पर समान रूप से निवेश किया जाए।

बायर लाओ, निर्यात बढ़ाओ पर जोर
उद्योग ने केंद्र से हर वर्ष दो से तीन रिवर्स बायर-सेलर मीट कराने की मांग की है। विदेशी खरीदारों के सीधे लुधियाना आने से उत्पादन इकाइयों का आकलन आसान होगा और निर्यात के नए अनुबंध मिल सकेंगे। उद्योग का मानना है कि इससे एफटीए का वास्तविक लाभ मिलेगा।

मेगा पार्क से एमएसएमई को मिलेगा सहारा
कूमकलां में प्रस्तावित मेगा टेक्सटाइल पार्क में कॉमन प्रोसेसिंग, परीक्षण प्रयोगशालाएं, डिजाइन सेंटर, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स जैसी साझा सुविधाएं विकसित करने की मांग की गई है। इससे उत्पादन लागत घटेगी, प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और लुधियाना वैश्विक टेक्सटाइल सोर्सिंग हब के रूप में उभर सकेगा।
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