पुराने शहर को नए शहर के साथ जोड़ने वाला जगरांव पुल 1888 में बनाया था। इसका एक हिस्सा रेलवे की तरफ से कंडम घोषित कर दिया गया है। अब रेलवे प्रशासन और निगम ने इस पुल पर चार पहिया वाहनों की एंट्री बंद कर दी है। वीरवार से पुल 374 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। पुल पर सिर्फ दो पहिया वाहन ही चल सकेंगे।
ट्रैफिक पुलिस ने अब यहां से निकलने वाले लोगों के लिए बदले हुए रूट की शुरुआत कर दी है। ट्रैफिक पुलिस ने बोर्ड लगवा दिए है। ट्रैफिक एक्सपर्ट राहुल वर्मा और प्रितपाल सिंह की मौजूदगी में 12 बजे पुल बंद करवा दिया गया। इससे पहले रेलवे की तरफ से गार्डर लगाया गया था। पिछले रविवार को रेलवे के कहने पर ट्रैफिक पुलिस ने दो घंटे के लिए पहला ट्रायल बेस पर पुल बंद किया था।
दो घंटे के बाद पुल को खोल दिया गया गया था। पुलिस ने फिलहाल फिरोजपुर रोड पर जाने वाले लोगों को जागरूक करने के लिए साहनेवाल, दोराहा, जालंधर बाईपास, लाडोवाल, सलेम टाबरी, मिलरगंज चौक, चीमा चौक और शेरपुर चौक के अलावा कई जगहों पर बोर्ड लगाए है। दिल्ली रोड से फिरोजपुर रोड जाने वाली ट्रैफिक को कोहाड़ा, साहनेवाल, दोराहा से फिरोजपुर रोड की तरफ जाना होगा।
इसके अलावा समराला चौक की तरफ से फिरोजपुर रोड जाने वाले लोगों को लाडोवाल रोड से हंबड़ा या जालंधर बाईपास से पुरानी जीटी रोड से होते हुए लक्कड़ पुल से फिरोजपुर रोड जाना पड़ेगा। जगरांव पुल दोपहर को बंद करने के बाद सबसे पहले ट्रैफिक जाम पुल पर ही लग गया। इसके बाद विश्वकर्मा चौक पर ट्रैफिक जाम वाली स्थिति पैदा हो गई। जिसके बाद ट्रैफिक पुलिस मुलाजिमों को मेहनत करने के बाद वहां ट्रैफिक रुट सही करवाना पड़ा।