मलोट (मुक्तसर)। राज्य के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के पैतृक हलके मलोट के सिविल अस्पताल का नाम अब पावरकॉम विभाग के डिफाल्टरों की सूची में शामिल हो गया है। पावरकॉम विभाग का सिविल अस्पताल मलोट पर पिछले छह महीनों से करीब पांच लाख रुपये बकाया चला आ रहा है। पावरकॉम ने अब तीखे तेवर अपनाते हुए अस्पताल को पेडिंग बिलों की राशि तुरंत जमा कराने के लिए नोटिस जारी किया है।
विभाग के अधिकारियों ने बिल जमा नहीं करने पर बिजली सप्लाई का कनेक्शन काटने की चेतावनी दे डाली है। ऐसे में अगर शीघ्र ही अस्पताल का बिल न भरा जा सका तो अस्पताल प्रशासन के साथ-साथ मरीजों को भी बगैर बिजली रहना पड़ेगा। हैरानी की बात है कि सरकारी अस्पताल के अकाउंट में करीब 55 लाख रुपये जमा पड़ा है। मगर इसके बावजूद अस्पताल का पांच लाख रुपये बकाया बिल नहीं भरा जा पा रहा।
गौरतलब है कि पिछले कई महीनों से अस्पताल के लिए कोई फंड जारी नहीं हुआ। जिस कारण सिविल अस्पताल भी पावरकॉम के डिफाल्टरों की सूची में शुमार हो गया है। हैरत की बात है कि अस्पताल के खुद के खाते में यूजर चार्जर का करीब 55 लाख रुपये पड़ा है।
इस बात की पुष्टी करते हुए सीनियर मेडिकल अधिकारी डॉ. गोबिंद अग्रवाल ने माना कि अस्पताल के खाते में करीब 55 लाख तो पड़ा है, लेकिन वह इन रुपयों का इस्तेमाल बिल भरने के लिए नहीं कर सकते क्योंकि बिल सरकार द्वारा भेजे जाने वाले फंड में से भरा जाता है।
उन्होंने बताया कि करीब छह-सात माह से अस्पताल को बिल्कुल फंड नहीं मिला है। जिस कारण यह स्थिति उत्पन्न हो गई है। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि पावरकॉम द्वारा जारी भेजे गए नोटिस की लिखित जानकारी स्वास्थ्य विभाग के उच्चधिकारियों को भेज दी गई है। फंड जारी होते ही पावरकॉम को बिल का सारा बकाया जमा करवा दिया जाएगा।