संवाद न्यूज एजेंसी
जगरांव। खेती मोटरों के लिए अघोषित बिजली कटों से परेशान किसानों ने सोमवार को सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर विभिन्न किसान संगठनों ने पावरकॉम एक्सईएन कार्यालय के सामने करीब चार घंटे तक धरना दिया। किसानों ने धान की फसल बचाने के लिए आठ घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
किसान नेताओं ने पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्बाध बिजली आपूर्ति के दावे हवा-हवाई साबित हुए हैं। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार कोयले की कमी का बहाना बना रही है जबकि सत्ता में आने पर अपनी कोयले की खान का दावा किया था। खेतों में मोटरें न चलने से धान की फसल सूखने की कगार पर है।
धरने के दौरान एक्सईएन के मौके पर न पहुंचने से किसानों का गुस्सा बढ़ गया। उन्होंने जगरांव-जालंधर सड़क पर चक्का जाम कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। मामला बढ़ता देख एसडीओ सब-अर्बन मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसान नेताओं को आठ घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति का लिखित भरोसा दिया। इस आश्वासन के बाद किसानों ने सड़क से जाम हटा लिया।