बठिंडा में मिनी सचिवालय के सामने प्रदर्शन करते किसान।
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पंजाब के सात संघर्षशील किसान संगठनों ने मंगलवार को मिनी सचिवालय के सामने रोष प्रदर्शन किया गया। इसमें भारी संख्या में किसान संगठन राजिंद्रा कॉलेज के पास एकत्र हुए।
वह कर्जा मुक्ति और किसानों की अन्य विशेष मांगों की पूर्ति के लिए प्रदर्शन कर रहे थे।
धरने का पता चलते ही एसपी सिटी देसराज व अन्य कई पुलिस उच्च अधिकारी बल समेत मौके पर पहुंचे। उन्होंने धरनाकारी किसान और मजदूरों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन यूनियन नेताओं ने पुलिस अधिकारियों की नहीं सुनीं। इसके बाद पुलिस ने धरनाकारियों को पर्चा दर्ज कर गिरफ्तार करने की भी धमकी दी। इससे गुस्साए प्रदर्शनकारी किसान पुलिस नाका तोड़ते हुए मिनी सचिवालय के सामने धरनास्थल पर जम गए।
इस दौरान किसान यूनियन एकता उगराहां के जिला अध्यक्ष शिंगारा सिंह मान, भारतीय किसान यूनियन पंजाब (डकौंदा) के राज्य प्रधान बूटा सिंह बुर्ज गिल, भारतीय किसान यूनियन के हरमुख सिंह सिद्धू, भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी फूल के जिला प्रधान सुरमुख सिंह ने संबोधित किया। नेताओं ने कहा कि सरकार की ओर से लागू किए साम्राज्य पक्षीय खेती मॉडल ने छोटे और सीमांत किसानों का आर्थिक पक्ष से गला घोंट दिया है।
नेताओं ने बताया कि असमर्थ किसानों, मजदूरों का पूरा कर्ज खत्म किया जाए, आगे से लंबी अवधि का बगैर ब्याज कर्जा दिया जाए, कर्जे में जमीनें, घरों की नीलामी तथा गिरफ्तारियों पर पूर्ण रोक लगाई जाए। नेताओं ने कहा कि मांगें मनवाने तक संघर्ष जारी रहेगा और मांगें न मानने पर संघर्ष को तीखे से तीखे रूप दिए जाएंगे।