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लुधियाना: डीसी दफ्तर के बाहर किसानों का पक्का मोर्चा शुरू, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में पहुंचे किसान

Sun, 30 Aug 2026 03:57 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना

सार

30 अगस्त से प्रदेशभर में डीसी कार्यालयों के बाहर शुरू किए गए पक्के मोर्चे के तहत रविवार को लुधियाना में भी आंदोलन का आगाज हुआ।
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डीसी ऑफिस के बाहर किसानों का धरना - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की ओर से किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर 30 अगस्त से प्रदेशभर में डीसी कार्यालयों के बाहर शुरू किए गए पक्के मोर्चे के तहत रविवार को लुधियाना में भी आंदोलन का आगाज हुआ। बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर सवार होकर डीसी कार्यालय के बाहर पहुंचे और सरकार के खिलाफ रोष जताया।

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मोर्चे को संबोधित करते हुए यूनियन के जिला प्रधान चरण सिंह नूरपुरा और जिला महासचिव सौदागर सिंह घुडाणी ने कहा कि सरकार लंबे समय से किसानों की मांगों का समाधान नहीं कर रही है। किसान अपनी मांगों को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार बैठकें करने के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रही है। उन्होंने कहा कि मांगों का ठोस समाधान होने तक संघर्ष जारी रहेगा।

नेताओं ने कहा कि यूनियन की प्रमुख मांगों में भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता को रद्द करना, किसानों और मजदूरों का कर्ज खत्म करना, आबादकारों को जमीनों के मालिकाना हक देना, लैंड पूलिंग नीति रद्द करना, किसानों के खिलाफ दर्ज केस खत्म करना और पुलिस के कथित जुल्म को रोकना शामिल है।
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बलवंत सिंह घुडाणी ने कहा कि सरकारें किसानों, मजदूरों और कर्मचारियों पर कथित तौर पर दमन कर रही हैं। वहीं, कारपोरेट घरानों के हित में नीतियां बनाकर उनका खजाना भरने का काम किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नीतियों के कारण किसानों की जमीन और मजदूरों की मेहनत पर खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों के लिए किसानों और मजदूरों को एकजुट होकर लंबे समय तक संघर्ष करने की जरूरत है।

मोल्डर एंड स्टील वर्कर यूनियन के नेता हरजिंदर सिंह ने कहा कि भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत किसानों के साथ-साथ मजदूरों और औद्योगिक श्रमिकों के लिए भी नुकसानदायक साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि मजदूर भी बड़ी संख्या में पक्के मोर्चे में शामिल होंगे।

इस दौरान जगमीत सिंह कलाड़, मनोहर सिंह कलाहड़, युवराज सिंह घुडाणी, जसवीर सिंह अशगरीपुर, नाजर सिंह सियाड़, मनजीत सिंह बुढेल, दविंदर सिंह सिरथला, तीरथ सिंह तलवंडी और जसदीप सिंह जस्सोवाल समेत कई किसान व मजदूर नेता मौजूद रहे।
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