पंजाब की आर्थिक राजधानी कहे जाना वाला शहर लुधियाना अंधेरे में डूब सकता है। लोगों को एक नहीं बल्कि तीन दिन तक बिजली की समस्या से जूझना पड़ सकता है। अगर किसी कारण बिजली चली गई तो इसे ठीक करने के लिए लुधियाना में बिजली विभाग का कोई भी कर्मचारी या अधिकारी नहीं आएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि बिजली विभाग के कर्मचारी एक नहीं बल्कि तीन दिन तक हड़ताल पर रहेंगे।
मांगों को लेकर पिछले काफी समय से अंदोलन कर रहे बिजली कर्मचारियों ने तीन दिन की सामूहिक हड़ताल पर चले गए हैं। उन्होंने छुट्टी का लेटर देकर हड़ताल कर दी। इसके साथ यह एलान कर दिया कि 15 अगस्त को जहां सभी लोग आजादी का जश्न मना रहें होंगे तो प्रदर्शनकारी कर्मचारी जिला मुख्यालयों पर रोष मार्च निकालेंगे। इस दौरान जेई, लाइनमैन, क्लर्क समेत सभी कर्मचारी छुट्टी पर रहेंगे, जिससे बिजली गुल होने पर लोगों को भारी परेशानी हो सकती है। उधर, मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने सामूहिक छुट्टी पर गए कर्मचारियों से अपील की है वह काम पर लौटें। मिलकर बैठकर इस समस्या का समाधान निकाला जाए।
पावरकॉम के कर्मचारियों की सरकार से मांग है कि 13 फीसदी महंगाई भत्ता जारी किया जाए। पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली, वेतन/पेंशन संशोधन में गलतियां दूर करना और निजीकरण नीति लागू न करने की मांग पूरी की जाए। वहीं 50 हजार पदों की रेगुलर भर्ती की जाए। पिछले धान सीजन में जानलेवा हादसों का शिकार हुए बिजली कर्मचारियों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए। मानसून के कारण बारिश और तेज हवाओं से बिजली के खंभे और तार टूटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, साथ ही तकनीकी खराबियों की वजह से भी बिजली जाती है।
बिजली कर्मचारियों की छुट्टियों के कारण लगभग 40 लाख आबादी और 60 हजार से ज्यादा उद्योग और व्यापारिक केंद्र प्रभावित होंगे। इस स्थिति को देखते हुए पावरकाम के चीफ इंजीनियर ने अन्य अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके और जनता को परेशानी न हो।
पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड पीएसईबी की ओर से सभी इंजीनियर इन चीफ/जनरल मैनेजर की तरफ से पत्र भेजा गया है कि जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा है कि तीन दिवसीय सामूहिक अवकाश करने वाले मुलाजिमों पर एक्शन लिया जाए और अन्य कर्मचारियों के लिए आदेश जारी किए गए हैं।