बठिंडा। कोरोना से जंग में जहां कुछ डॉक्टर डरकर अपने पद से इस्तीफा दे रहें हैं। वहीं, पुलिस लाइन में तैनात सरकारी डॉ. उमेश गुप्ता फोन के माध्यम से सात विभिन्न गांवों के लोगों का उपचार कर एक मिसाल पेश कर रहे हैं।
डॉ. उमेश गुप्ता ने बताया कि वो आईएचसीआई के जरिये गांव में बनी हेल्थ वेलफेयर सेंटर के संपर्क में है। जिसके तहत वो हेल्थ केयर सेंटर में काम करने वाले कर्मियों के जरिये मानसा कलां, नंगला, रामनगर, शेखपुरा, सिंगो, कमालू सवेच और तयोना पुजारिया के लोगों का ऑनलाइन उपचार कर रहे हैं।
ये सभी लोग सेंटर में काम करने वाले कर्मियों को पहले अपनी बीमारी और समस्या के बारे में बताते हैं। उसके बाद सेंटर कर्मी उनसे संपर्क कर बीमार व्यक्ति की पूरी जानकारी देता है। मरीज की पूरी जानकारी हासिल करने के बाद सेंटर कर्मियों को मरीज की दवा के बारे में लिखित जानकारी दी जाती है। डॉ. गुप्ता ने बताया कि इन सातों गांवों के लोगों को ज्यादातर ब्लड प्रेशर और शुगर की बीमारी होती है। इसके अलावा कई लोग मामूली बुखार से पीड़ित होते हैं। वहीं, एक दिन में उनके पास 10 से 20 मरीजों के फोन आते हैं।