दुगरी रोड स्थित कोठी में चौकीदार के कमरे में अचानक आग लग गई। हादसे के समय कमरे में एक तीन महीने की बच्ची सो रही थी। वह आग की चपेट में आ गई। लोगों ने फायर बिग्रेड को सूचना दी। लोगों ने खुद भी आग को बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक मासूम की मौत हो चुकी थी।
सूचना के बाद थाना माडल टाउन की पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची के शव को कब्जे में लिया। पुलिस ने बच्ची के पिता शेर बहादुर के बयान पर 174 की कार्रवाई की है। आशंका जताई जा रही है कि आग शार्ट-सर्किट से लगी है।
जानकारी के अनुसार मैरी लैंड होटल के सामने वाली गली में कारोबारी सुखविंदर सिंह की कोठी है।
सुखविंदर खुद मॉडल टाउन में रहते हैं। कोठी की पहली मंजिल पर किराएदार रहते हैं। जबकि नीचे एक कमरा कोठी की रखवाली करने वाले चौकीदार शेर बहादुर के पास था। वह अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ वहां रहता है। शेर बहादुर ने बताया कि वह सुबह गाड़ियां धोने का काम करता है। उसकी पत्नी ललिता घरों में साफ सफाई का काम करती है।
उनके तीन बच्चे हैं, जिसमें छह साल का विशाल, साढ़े तीन साल का दीपक और तीन माह की बेटी अफसरा है। सोमवार सुबह करीब 11 बजे उसकी पत्नी इलाके में स्थित एक कोठी में सफाई करने गई थी। तीनों बच्चे कमरे में थे। विशाल ने अफसरा को सुलाया और खुद छोटे भाई के साथ पास रहने वाले रिश्तेदार के घर खेलने चले गए।
उसका कहना है कि इसी दौरान अचानक कमरे में आग लग गई। पहले तो किसी को आग का पता नहीं चला। जब आग की लपटे कमरे के बाहर तक आ गई। तब पहली मंजिल पर स्थित किराएदारों को पता चला। लेकिन, तब तक आग ने कमरे को चपेट में ले लिया था। उसने शोर मचा कर आसपास के लोगों को इकट्ठा किया और उनके साथ मिलकर आग बुझाई। तब तक उसकी बेटी की मौत हो चुकी थी।
कोठी मालिक सुखविंदर सिंह ने बताया कि आग लगने का पता चलने के तुरंत बाद वह बेटे के साथ पहुंचे और आने से पहले उसने फायर बिग्रेड को फोन कर सूचना दे दी थी, लेकिन, फायर बिग्रेड मौके पर काफी देर से पहुंची। उन्होंने खुद पाइप लगाकर पड़ोसियों की मदद से पानी डालकर आग बुझाई।