आपका पहला सौभाग्य है कि आपको मनुष्य तन मिला और दूसरा आपको भारत जैसा वतन और पंजाब जैसा प्रदेश मिला। तीसरा सौभाग्य, आपको सनातन जैसा धर्म मिला। मान लो तुम कोई और होते... तो भैय्या को भी सइयां बनाते। हम अपने मुंह से ज्यादा नहीं बोलेंगे, एफआईआर थोड़े ही झेलनी है। अब हम समझदार हो गए हैं। हम अब ऐसे कहते हैं कि सांप भी मर जाता है और लाठी भी नहीं टूटती।
लुधियाना में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री के उक्त बयान ने धार्मिक विद्वानों के बीच बड़ी बहस छेड़ दी है। इस्लाम और ईसाई धर्म के विद्वानों ने इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है। विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने इस पर सफाई भी दी है। उन्होंने कहा कि वे न तो ईसाई धर्म के खिलाफ हैं और न ही इस्लाम के। वे गलत तरीके से हो रहे धर्मांतरण के खिलाफ हैं और उसके खिलाफ ही बोलते हैं।
‘सभी धर्म हमारे, धर्मांतरण गलत’
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि देश में सभी धर्मों के लोग सुख-शांति और एकजुटता से रहें, यही उनकी भावना है। उन्होंने कहा कि सभी धर्म उनके लिए अपने हैं, लेकिन धर्मांतरण गलत है। उन्होंने लोगों से कहा कि सनातन पर कोई अंगुली उठाए तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह लुधियाना में भक्तों की अर्जियां बालाजी के समक्ष लगाने और हनुमंत कथा सुनाने आए हैं। उन्होंने कहा कि संभव है कि उनकी कुछ बातों का लोगों ने गलत अर्थ निकाल लिया हो।
धर्मांतरण को लेकर चिंता जताते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि सांप तुम्हारे और हमारे बिस्तर के नीचे हैं। फर्क इतना है कि तुमने देखा नहीं, हमने देख लिया, इसलिए हम बेचैन हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी समुदाय के खिलाफ माहौल बनाना नहीं, बल्कि सनातन परंपराओं और संस्कृति को लेकर लोगों को जागरूक करना है।
शाही इमाम ने जताई नाराजगी
इस पर पंजाब के शाही इमाम मौलाना उस्मान रहमानी सानी लुधियानवी ने उनके बयानों पर कड़ा एतराज जताते हुए इसे आपसी सौहार्द और भाईचारे को नुकसान पहुंचाने की नाकाम कोशिश करार दिया है। शाही इमाम ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री इस्लाम धर्म के बारे में नापाक इशारे करते हैं।
स्टेज से यहां तक कहा कि ‘भैया को सइयां बना लेते हैं’। यह एक ऐसी नापाक टिप्पणी है, जिसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और इस्लाम के अंदर इसकी कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री से अपनी विवादित टिप्पणियां तुरंत वापस लेने की मांग की है और चेतावनी दी है कि ऐसा न करने पर उनके और कथा आयोजकों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया जाएगा।