संवाद न्यूज एजेंसी
हलवारा। रायकोट स्थित कॉमरेड रछपाल सिंह हाल में शनिवार को भारतीय निर्माण मिस्त्री मजदूर यूनियन (सीटू) की तहसील स्तरीय बैठक हुई। सीटू के प्रांतीय महासचिव चंद्र शेखर, मनरेगा मजदूर यूनियन के प्रांतीय महासचिव अमरनाथ कूमकलां और सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) के जिला सचिव हनुमान प्रसाद दुबे ने कहा कि आजाद भारत में बड़े-बड़े बांध, महलों जैसी इमारतें, नदियां-नहरें सहित बड़ी सरकारी इमारतें और पांच सितारा होटल बनाने वाले देश के 4 करोड़ निर्माण मजदूरों के करीब 20 करोड़ पारिवारिक सदस्य भुखमरी जैसे हालात में जीवन बिता रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों के कारण भवन निर्माण कंपनियों और कॉरपोरेट घरानों की आय आसमान छूने लगी हैं।
गुरमुख सिंह बस्सियां की अध्यक्षता में हुई बैठक में 30 अक्टूबर को रायकोट में होने वाले प्रांतीय सम्मेलन की रणनीति भी बनाई गई और सरकारों के खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंका गया। प्रांतीय आयोजन की तैयारी के लिए प्रांतीय अध्यक्ष दलजीत कुमार गोरा, प्रकाश सिंह बरमी, गुरदीप सिंह बुर्ज हकीमां,प्रितपाल सिंह बिट्टा, राज जसवंत सिंह तलवंडी, हरप्रीत सिद्धू, कर्मजीत सिंह रायकोट, भूपिंदर सिंह गोबिंदगढ़ की अगुवाई में विभिन्न कमेटियों का गठन किया गया।