ऑक्सीजन की किल्लत इस समय देश के ज्यादातर हिस्सों में साफ दिखाई दे रही है। इस संकट की स्थिति को देखते हुए लुधियाना जिला प्रशासन ने पुख्ता कदम उठाए हैं। इस समय लुधियाना में ऑक्सीजन की मांग 49 मीट्रिक टन है। इतनी ही मात्रा में हर रोज ऑक्सीजन की सप्लाई भी हो रही है। संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ता है तो मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति न आए इसलिए प्रशासन ने ऑक्सीजन और रैमडेसिवर की सप्लाई पर नजर रखने के लिए कमेटी का गठन कर दिया है।
गौरतलब है कि महानगर में पांच बड़े अस्पताल डीएमसी, सीएमसी, फोर्टिस, मोहनदेई और एसपीएस हैं। इन सभी में हर रोज 20 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की मांग है। इन पांचों अस्पतालों में सीधे कंपनी से ऑक्सीजन की सप्लाई हो रही है। इसके अलावा जिले में करीब 40 और ऐसे अस्पताल हैं जहां कोरोना संक्रमितों का उपचार चल रहा है। इन अस्पतालों में प्रतिदिन 29 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यकता है। इन अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई के लिए लुधियाना में चल रहे दो बड़े और पांच छोटे यूनिट में उत्पादन हो रहा है। मरीज बढ़ने पर दिक्कत का सामना न करना पड़े इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। वहीं ऑक्सीजन प्लांट पर भी पुलिस का पहरा लगा दिया है।
डीसी ने सभी अस्पताल से अपील की है कि वह ऐसी सर्जरी करने से बचें जिसे कुछ दिन तक टाला जा सकता है। उनके यहां ऐसे मरीजों की छुट्टी की जाए जिनकी हालत ठीक है। ऑक्सीजन का प्रयोग सही तरीके से किया जाए। हो सके तो आक्सीजन कंसट्रेंटर का इस्तेमाल करे। ऐसा नहीं करने वाले अस्पताल पर प्रशासन सीधे कार्रवाई करेगा। दूसरी अपील उन्होंने कारोबारियों से की है।