मशीन पेंट करने के लिए निकला, जंगल में लगा लिया था फंदा
25 दिन बाद थाना साहनेवाल पुलिस को टिब्बा गांव में लटकता मिला था शव
शव मिलने के एक सप्ताह बाद हुई पहचान, मिल्लरगंज इलाके में रहता था मृतक
संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। साहनेवाल के गांव टिब्बा के जंगलों में पेड़ से लटकते मिले नौजवान की पहचान हो गई है। मृतक मिल्लरगंज निवासी धीरज कुमार है और पांच अक्तूबर को वह किसी फैक्टरी में मशीन पेंट करने के लिए गया था, लेकिन वापस नहीं आया।
शव मिलने के एक सप्ताह बाद पुलिस को उसके परिवार के बारे में पता चला। वह भी फोन के जरिये उसके परिवार की पहचान हो पाई तो सारी कहानी खुलकर सामने आई। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि धीरज ने आत्महत्या की है या किसी ने हत्या कर शव लटकाया है। पुलिस ने शव के बाद कई चीजें जांच के लिए भेजी हैं जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि मौत कैसे हुई।
मृतक धीरज के भाई प्रेम ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह दोनों भाई मशीनें पेंट करने का काम करते हैं। पांच अक्तूबर को धीरज किसी फैक्टरी में मशीन पेंट करने के लिए गया था और वापस नहीं आया। प्रेम ने भाई के घर न लौटने पर इसकी जानकारी चौकी मिल्लरगंज पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने भी अपने तौर पर तलाश की, लेकिन पता नहीं चल पाया। गांव टिब्बा के पास जंगलात एरिया है जहां कोई आम व्यक्ति जल्दी किसी काम के बिना जाता नहीं है। 27 अक्तूबर को किसी राहगीर ने शव लटकता देखा तो पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने जांच की तो शव कंकाल में तबदील हो चुका था। आशंका थी कि शव को लटकते काफी समय हो गया होगा। पुलिस ने मृतक के पास से मिले फोन के जरिये चेकिंग की और उसके परिवार वालों का पता चला। इसके बाद परिवार से संपर्क किया गया और मृतक की पहचान हो पाई। पुलिस मृतक की मौत का कारण पता लगाने में जुटी है।