पंजाब राज्य डीसी दफ्तर इंप्लाइज यूनियन के बैनर तले वीरवार से मुलाजिमों की दो दिवसीय कलम छोड़ हड़ताल शुरू हो गई। इस दौरान लुधियाना में मुलाजिमों ने जिला और तहसील स्तर पर कामकाज छोड़ कर धरनेे दिए और सरकार के खिलाफ खूब नारेबाजी की।
दस जुलाई को एसोसिएशन की सूबा इकाई आगे की रणनीति का ऐलान करेगी। माना जा रहा है कि यदि सरकार ने मुलाजिमों की मांगों पर तुरंत कोई फैसला नहीं लिया तो एसोसिएशन कलम छोड़ हड़ताल को 17 जुलाई तक आगे बढ़ा सकती है।
वीरवार को एसोसिएशन के दो सदस्यों जिला प्रधान राजेश शर्मा और वरिष्ठ उपाध्यक्ष भीम सिंह ने भूख हड़ताल भी की। एसोसिएशन के जिला प्रधान राजेश का कहना है कि पंजाब सरकार की मुलाजिम विरोधी नीतियों के कारण सदस्यों में रोष है।
उन्होंने कहा कि सभी सरकारी विभागों में मुलाजिमों की बेहद कमी है और काम का बोझ बढ़ता जा रहा है। मुलाजिम काफी तनाव में हैं।
मुलाजिमों की मांगों को लेकर कई बार बैठक बुलाई गई लेकिन फिर उसे टाल दिया गया। इससे साफ है कि सरकार मुलाजिमों की मांगों को लेकर गंभीर नहीं है।
ऐसे में आंदोलन के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं है। इस अवसर पर हरीश कुमार, शाम सुंदर, चेतन खन्ना, जसबीर कौर, विक्रम पाल समेत कई मुलाजिम मौजूद रहे।
हड़ताल के कारण मिनी सचिवालय और तहसील स्तर पर सरकारी दफ्तरों में कामकाज बुरी तरह से प्रभावित रहा। लोग अपनी संपत्ति की रजिस्ट्रियां नहीं करा सके।
न ही मैरिज और अन्य सरकारी सर्टिफिकेट बनवा सके। मिनी सचिवालय में रजिस्ट्री कराने आए राकेश कुमार ने कहा कि दो दिन की कलम छोड़ हड़ताल है, शनिवार और रविवार की छुट्टी के बाद अब सोमवार को ही काम हो सकेगा।