निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखा जाएगा। यह एलान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लुधियाना में किया। लुधियाना में शहीद करतार सिंह सराभा के बलिदान दिवस पर पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में साइकिल रैली निकाली गई।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाबियों से राज्य को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाने के लिए पंजाब विरोधी ताकतों द्वारा प्रायोजित नार्को-आतंकवाद का मुकाबला करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। वे शहीद करतार सिंह सराभा के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में पुलिस की ओर से पंजाब एग्रीकलचर यूनिवर्सिटी में आयोजित विशाल नशा विरोधी साइकिल रैली से पहले सभा को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य में खेलों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया है। इससे युवाओं की असीम ऊर्जा का सकारात्मक दिशा में उपयोग हो रहा है। पहल बार सरकार ने खिलाड़ियों को खेलों की तैयारी के लिए धनराशि दी है ताकि वे खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करें। इसका नतीजा यह है कि हाल ही में संपन्न एशियाई खेलों में पंजाबियों ने 19 पदक हासिल किए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन का प्राथमिक फोकस नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खतरे से प्रभावी ढंग से निपटना, स्वस्थ और टिकाऊ जीवन शैली के रूप में साइकिल को बढ़ावा देना है। रैली का उद्देश्य नशीली दवाओं के दुरुपयोग के परिणामों और दवा मुक्त जीवन शैली के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाकर नशीली दवाओं की मांग में कमी लाने में महत्वपूर्ण योगदान देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साइकिल चालक संबंधित स्थानों से पवित्र मिट्टी लाए हैं जिसका उपयोग क्रमशः सद्भाव, वादा, ज्ञान, एकता और आशा के पेड़ के नाम पर पौधे लगाने के लिए किया जाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यूथ अगेंस्ट ड्रग्स केवल एक साइकिल रैली नहीं है, बल्कि यह नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने, एक स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने और क्रांतिकारी नायकों के बलिदान को याद करने का एक सामूहिक प्रयास है।
सीएम ने शहीद सराभा को याद कर दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गांव सराभा में आयोजित शहीद करतार सिंह को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सीएम मान ने कहा कि शहीद करतार सिंह सराभा ने बहुत कम उम्र में देश को ब्रिटिश साम्राज्यवाद के चंगुल से मुक्त कराने के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे। शहीद करतार सिंह सराभा की शहादत ने शहीद भगत सिंह जैसे कई अन्य युवाओं को स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने और मातृभूमि की बलिवेदी पर अपने प्राण न्यौछावर करने के लिए प्रेरित किया। देशवासी महान शहीद के सर्वोच्च बलिदान के लिए सदैव ऋणी रहेंगे और पहली बार राज्य सरकार ने शहीद करतार सिंह सराभा के छह अन्य सहयोगियों-शहीद विष्णु गणेश पिंगले (पुणे, महाराष्ट्र) को भी याद किया है।