फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साइकिल उद्यमियों को समझाई रिफ्लेक्टर की बारीकियां

Wed, 25 May 2016 10:17 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला/लुधियाना
विज्ञापन
लुधियाना में यूनाइटेड साइकिल एंड पार्ट्स मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन की बैठक को संबोधित करते प्रधान चरणजीत सिंह। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
यूनाइटेड साइकिल एंड पार्ट्स मेन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन (यूसीपीएमए) की बुधवार को बैठक हुई।
विज्ञापन


इसकी अध्यक्षता प्रधान चरणजीत सिंह विश्वकर्मा ने की। बैठक में सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी की ओर से एक जुलाई से प्रति साइकिल दस रिफ्लेक्टर अनिवार्य किए जाने की स्थिति पर मंथन किया गया। साइकिल उद्यमियों ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात का वक्त मांगा है। उद्यमियों का तर्क है कि कमेटी की ओर से तय किए गए रिफ्लेक्टर का निर्माण देश में शुरू करने में कम से कम छह माह का वक्त लगेगा, दूसरे इसमें मोटा निवेश होगा।

निवेश में सरकार सब्सिडी दे। रिफ्लेक्टर अनिवार्य करने की समय सीमा 31 मार्च 2017 तक बढ़ाई जाए ताकि मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए उद्यमी देश में ही इनका उत्पादन शुरू कर सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन


एसोसिएशन ने यह मांग भी की है कि नई तकनीक, मोल्ड एवं मशीनरी के आयात के लिए और जब तक उत्पादन शुरू नहीं होता, रिफ्लेक्टर के आयात को कस्टम ड्यूटी से मुक्त किया जाए। बैठक में रिफ्लेक्स ऑफ ताईवान कंपनी लिमिटेड के माहिर माइकल बटनी ने रिफ्लेक्टर बनाने की तकनीक, मोल्ड समेत हर बिंदू पर साइकिल उद्यमियों के साथ चर्चा की। माइकल ने कहा कि मानकों के अनुसार रिफ्लेक्टर का उत्पादन करना आसान नहीं है। इसमें वक्त और भारी निवेश की जरूरत है। इस अवसर पर महासचिव राजीव जैन, राजिंदर सिंह सरहाली, इंद्रजीत सिंह नवयुग, कुलबीर सिंह मौजूद रहे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें