सरपंच मनपिंदर सिंह की फाइल फोटो।
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लुधियाना के गांव रत्ना में सरपंच मनपिंदर सिंह ने घर में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वे पेशे से वकील और लुधियाना बार काउंसिल के सीनियर सदस्य भी थे।
मूलरूप से आलमगीर साहिब से सटे गांव संगोवाल निवासी मनपिंदर सिंह के पिता पाला सिंह करीब 25 वर्ष पहले गांव रत्ना में आकर बस गए। रिटायर्ड डीएफएसओ पाला सिंह ने अपने बेटे को अच्छी शिक्षा देकर वकील बनाया। मनपिंदर पहली बार गांव के सरपंच बने थे। वे पिछले कुछ समय से घर में चल रहे कलह के कारण मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। बताया गया है कि अपनो के साथ उनका मनमुटाव चल रहा था। गांव निवासियों और मनपिंदर के दोस्तों ने बताया कि घर में चल रही रोज-रोज की कलह से वे अंदरूनी तौर पर काफी टूट चुके थे। इसी मानसिक परेशानी के चलते उन्होंने खौफनाक कदम उठाया।
थाना जोधा पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस मनपिंदर के करीबियों और परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज कर रही है। मनपिंदर का जगरांव की मानसिक रोग विशेषज्ञ से इलाज भी चल रहा था। वे दो बेटियों के पिता थे। थाना प्रभारी साहिबमीत सिंह ने बताया कि मनपिंदर सिंह की पत्नी मनप्रीत कौर के बयान पर धारा 174 में कार्रवाई की गई है। उन्होंने किसी के साथ भी दुश्मनी या शक से इन्कार किया है।