पंजाब के लुधियाना में मंगलवार को पुलिस ने बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए हैंड ग्रेनेड के साथ आईएसआई के तीन एजेंटों को गिरफ्तार किया था। दो आरोपी भागने में कामयाब हो गए थे, जिन्हें पुलिस ने बुधवार को पकड़ लिया है।
लुधियाना को दहलाने की साजिश के आरोप में गिरफ्तार किए गए कुलदीप सिंह, रमनीक सिंह उर्फ अमरीक, परविंदर सिंह उर्फ चिड़ी से हुई पूछताछ के बाद पुलिस ने इस मामले में चकमा देकर फरार हुए आरोपी शेखर सिंह और अजय को भी काबू कर लिया है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि पांचों आरोपी अमृतसर से बस के जरिये हैंड ग्रेनेड लेकर लुधियाना पहुंचे थे।
पहले पकड़े गए तीनों आरोपियों की निशानदेही पर ही दोनों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों को बुधवार को अदालत में पेश कर उनका रिमांड लिया है। आरोपियों के गिरफ्तार होने के बाद एनआईए सहित खुफिया एजेंसियों ने लुधियाना पुलिस के साथ संपर्क किया है। एजेंसियां पुलिस से फीडबैक लेकर गृह विभाग को जानकारी दे रही हैं। हालांकि इस मामले में कोई भी पुलिस अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। पुलिस जल्द ही इस मामले में प्रेस कांफ्रेंस कर सारी जानकारी देगी।
आतंकियों से जुड़े मामलों में एनआईए का हस्तक्षेप होता है। इस मामले में भी गिरफ्तार किए गए आरोपियों का पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से संपर्क सामने आ रहा है। कमिश्नरेट पुलिस ने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी और उसके बाद खुफिया एजेंसियों को जानकारी दी गई। एनआईए को भी पंजाब के सीनियर अधिकारियों ने पूरी जानकारी दी है। एनआईए ने इस मामले में पूरी जानकारी मांगी है। सूत्र बताते हैं कि खुफिया एजेंसियों ने कमिश्नरेट पुलिस के साथ संपर्क कर आरोपियों से हुई पूछताछ के बारे में जानकारी हासिल की और साथ ही उनका पूरा बायोडाटा हासिल किया।
सूत्रों का कहना है कि एनआईए की एक टीम जल्द ही लुधियाना पहुंचकर आरोपियों से पूछताछ कर सकती है। इस मामले में कई सीनियर पुलिस अधिकारियों को संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई भी इस मामले में बोलने को तैयार नहीं। अब कई खुफिया एजेंसियां इस मामले में जांच करने में जुटी हैं कि आरोपियों ने आखिर किसके कहने पर हैंड ग्रेनेड अमृतसर से लिए और लुधियाना में कहां ब्लास्ट करना था।