युवाओं व अन्य लोगों से हजारों लेकर फर्जी डिग्री देने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी थी। इसके तहत अब बठिंडा पुलिस पुणे जेल में बंद उक्त आरोपियों के एक साथी को भी प्रोडक्शन वारंट पर लाने की तैयार कर रही है।
एसएसपी स्वपन शर्मा ने बताया कि चार मार्च को पुलिस ने जाली डिग्रियों का कारोबार करने वाले उक्त गिरोह के सरगना समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनसे पुलिस ने विभिन्न यूनिवर्सिटियों व बोर्डों की 359 डिग्रियां व मार्कशीट्स के अलावा एक लैपटॉप, प्रिंटर व अन्य बरामद किया है। गिरोह का एक भी सदस्य पुलिस के हाथ नहीं आ सका। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
उन्होंने कहा कि अब पुलिस को जांच के दौरान पता चला है कि उक्त तीनों आरोपियों का एक साथी मनोज कुमार बांसल जो पुणे जेल में फर्जी डिग्री के मामले में बंद है, उसको पुणे पुलिस ने करीब एक माह पहले गिरफ्तार किया था। एसएसपी का कहना है कि अब पुलिस उक्त आरोपियों के नेटवर्क तक पहुंचने के लिए पुणे जेल में बंद आरोपी को जांच में शामिल कर प्रोडक्शन वारंट पर लाकर उससे पूछताछ की जाएगी। इसमें कई अहम खुलासे होने की संभावना है।
तीन मार्च को बठिंडा पुलिस ने करनाल में छापामारी कर एक आरोपी रमन कश्यप को गिरफ्तार कर उससे 198 डिग्रियां व मार्कशीट्स, एक लैपटॉप व प्रिंटर बरामद किया। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने बठिंडा निवासी गिरोह के सरगना तरसेम गर्ग को गिरफ्तार करके उससे 27 जाली डिग्रियां बरामद की। इस दौरान पुलिस ने एक और आरोपी पवन कुमार निवासी करनाल को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने पूछताछ के आधार पर अमृतसर के रहने वाले एक अन्य व्यक्ति के अमृतसर स्थित दफ्तर पर छापामारी कर वहां से भी 134 जाली डिग्रियां, 1 प्रिंटर व 3 कंप्यूटर बरामद किए, लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं आ सका। उक्त कंप्यूटरों से पुलिस ने डिग्रियां छापने संबंधी डाटा बरामद किया था।