पुलिस उत्पीड़न से तंग आकर पुलिस चौकी हंडियाया में सल्फास की गोलियां निगलकर खुदकुशी करने के मामले में आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक किसान बलदेव सिंह के शरीर पर चार जगह चोट के निशान मिलने का खुलासा हुआ है। बलदेव सिंह के भाई गांव के पंच लाभ सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट हो गया है कि उनके भाई बलदेव सिंह को पुलिस ने मारा है।
गत दिनों गांव कोठे सरां के रहने वाले किसान बलदेव सिंह सरां ने पुलिस चौकी हंडियाया में सल्फास की गोलियां निगलकर खुदकुशी कर ली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार बलदेव सिंह की छाती, दाएं पैर, मुंह और कूल्हों पर चोट के निशान थे। यह चोटें कैसे लगीं फिलहाल यह नहीं बताया गया है। भारती किसान यूनियन के नेता बलौर सिंह छन्ना का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सिद्ध हो गया है कि पुलिस ने किसान बलवीर सिंह पर बहुत ज्यादा अत्याचार किया।
13 मई को देर शाम करीब साढे़ सात बजे पुलिस चौकी हंडियाया के इंचार्ज चरणजीत सिंह ने कस्बा हंडियाया में हंडियाया चौक पर नाकाबंदी की हुई थी। इसी दौरान किसान बलदेव सिंह निवासी सरा कोठे वहां पहुंचा। वह पुलिस द्वारा नाके पर लोगों को तंग करने का विरोध करने लगा तो पुलिस कर्मचारी उसे पकड़कर चौकी ले गए।
वहां चौकी इंचार्ज चरणजीत सिंह व मुंशी सौदागर सिंह ने मारपीट कर उसे हवालात में बंद कर दिया था। पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर बलदेव सिंह ने हवालात में ही सल्फास निगल ली थी। उसी दिन देर रात बलदेव सिंह की मौत हो गई थी। पुलिस ने मौके के गवाह सुखविंदर सिंह बबली के बयान पर चौकी इंचार्ज चरणजीत सिंह व मुंशी सौदागर सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया था। पांच दिन बीत चुके हैं लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।