कोरोना की आड़ में मारुति कार को एंबुलेंस के तौर पर इस्तेमाल कर उसमें मरीजों के बजाय नशीली गोलियों की तस्करी करने वाले दो आरोपियों को एंटी नारकोटिक्स विभाग की टीम ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों को चंडीगढ़ रोड पर नाकाबंदी के दौरान काबू किया है। मामला पंजाब के लुधियाना जिले का है।
आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 1,33,500 नशीली गोलियां बरामद की हैं। इस मामले में पुलिस ने शिमलापुरी स्थित मोहल्ला गोबिंद नगर निवासी कर्मजीत सिंह और इंद्रजीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर फरार चल रहे तस्कर गुरु गोबिंद सिंह नगर निवासी मनी और न्यू कुंदनपुरी निवासी अमृत सिंह की तलाश में जुटी है।
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस सिमरतपाल सिंह ढींढसा ने बताया कि एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम ने चंडीगढ़ रोड पर नाकाबंदी कर रखी थी। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी मारुति कार में नशीला पदार्थ सप्लाई करने का धंधा करते हैं। पुलिस ने एंबुलेंस के तौर पर चलने वाली मारुति कार को रोका, जिसमें दोनों आरोपी सवार थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नशीली गोलियां बरामद की।
पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी इंद्रजीत सिंह और कर्मजीत सिंह ड्राइवरी करते थे। कोरोना के दौरान आरोपियों ने उत्तरप्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से नशीला पदार्थ लाकर महानगर में सप्लाई शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक आरोपी यूपी से नशीला पदार्थ लाकर मनी और अमृत को देते थे ताकि वह आगे सप्लाई कर सकें। पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी है।