दुगरी फेज-1 में कुछ दिन पहले रखे नेपाली नौकर ने अपने चार साथियों से मिलकर निर्यातक की पत्नी को बंधक बनाया और लाखों रुपये, गहने और अन्य सामान लूट कर फरार हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार नौकर ने निर्यातक की पत्नी के हाथ-पांव बांध दिए। उसे डराया, धमकाया और दूसरे कमरे की अलमारियों से करीब 15 लाख नगद, लाखों के गहने, दो हजार अमेरिकन डॉलर, मोबाइल, लाइसेंसी रिवाल्वर और करीब 40 कारतूस लूट लिए। वारदात के समय कारोबारी की पत्नी घर में अकेली थी। वारदात के बाद लुटेरे घर में पड़ा सीसीटीवी कैमरों का रिकार्डर भी साथ ले गए।
आरोपियों के जाने के बाद महिला ने किसी तरह खुद को आजाद कराया और पड़ोसियों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस की टीम एडीसीपी संदीप गर्ग के नेतृत्व में पहुंची। गर्ग ने कहा कि नेपाली नौकर और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उनको काबू करने के लिए टीमें बना दी गई हैं।
जानकारी के अनुसार वारदात दोपहर करीब एक बजे हुई। निर्यातक राजन गुप्ता ने बताया कि उसका एक्सपोर्ट का कारोबार है। घर में उसके माता-पिता और पत्नी रहते हैं। उन्होंने करीब हफ्ते पहले एजेंट के जरिए एक नेपाली नौकर घर में रखा था। मंगलवार सुबह वह अपने पिता शाम गुप्ता के साथ आफिस चले गए थे। घर में उनकी मां और पत्नी थी।
दोपहर को उसकी मां किसी काम से मार्केट चली गई। घर में उसकी पत्नी सलोना अकेली थी। इस दौरान उसके नौकर बहादुर ने अपने चार साथियों को बुला लिया। पहले उसके साथी घर के बाहर घूमते रहे। फिर बहादुर ने फोन कर उन्हें घर के अंदर बुलाया। जब उसकी पत्नी को मेन गेट खुलने की आवाज आई, तो उसने बहादुर को बाहर देखने के लिए कहा। लेकिन बहादुुर ने कहा कि कोई नहीं है। इतने में बाहर से तीन युवक अंदर आ गए। जबकि उनका एक साथी बाहर नजर रखे हुए था।
बहादुर ने उसका मुंह बंद दिया और अपने साथियों के साथ उसे कमरे में ले गया। वहां उसके हाथ-पांव रस्सी से बांध दिए और मुंह पर टेप लगा दी। तीनों युवकों के हाथ में सब्बल, चाकू और अन्य हथियार थे। कारोबारी के पड़ोसी सर्बजीत सिंह और उसके बेटे पुष्पिंदर सिंह ने बताया कि सलोना घबराई और भागती हुई उनके पास आई। उसने वारदात के बारे में बताया। जानकारी मिलते ही पुलिस आई और जांच शुरू की। पुलिस ने नौकर को रखवाने वाले एजेंट को भी पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है।